स्कूली बच्चे घंटो करते हैं इंतजार घर और स्कूल जाने, नगर परिषद उदासीन

पुल पुलियों की ऊंचाई बढ़ाने हर साल बनती है कार्य योजना, बारिश खत्म होते ही ठंडे बस्ते में दब जाती हैं फाईलें,
एसडीएम ने 15 दिन पूर्व निरीक्षण कर पुलिया डालने के दिए थे निर्देश
पिछले वर्ष नगर परिषद ने बरसात के पूर्व रिप्टा बनाने की कही थी बात
सिलवानी । नगर के वार्ड 1 को जोड़ने वाली बेगम नदी पर काफी नीचा रिपटा वर्षो पूर्व ग्राम पंचायत कार्य काल में बनाया गया था, जो थोड़ी ही बारिश में खतरनाक हो जाता है। लंबे अंतराल के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। और रविवार की रात से शुरू हुई रिमझिम एवं हल्की बारिश का दौर सोमवार को भी पूरे दिन जारी रहा। जहां मुख्यालय पर रूक-रूककर हल्की बारिश होती रही। वहीं जंगल में अधिक बारिश होने से बेगम नदी उफान पर आ गई। जिससे स्कूली बच्चे और नागरिक अपने घर जाने के लिए घंटो से इंतजार करना पड़ा।
यह दृश्य कोई गांव का नही अपितु नगर परिषद के वार्ड एक शास्त्री नगर के जमुनिया पुरा, बगियापुरा, श्रीराम मंदिर, ईदगाह और कब्रिस्तान जाने वाला मुख्य मार्ग है।
मृगांचल एक्सप्रेस द्वारा बगियापुरा स्कूल जाने वाले रास्ते में दल दल होने की खबर खबर दिखाए जाने के बाद 15 दिन पूर्व एसडीएम प्रकाश नायक ने निरीक्षण किया था । मार्ग की मरम्मत और रिपटे पर सीमेंट की पुलिया डालने के निर्देश नगर परिषद को दिए थे। जिस पर नगर परिषद द्वारा मार्ग की मरम्मत कर स्कूल जाने के मार्ग तो चालू कर दिया और दो सीमेंट के पाइप भी वहा रखवा दिए लेकिन पुलिया बनाना मुनासिब नहीं समझा।और बारिश की पहली झड़ी में स्कूली बच्चों एवं नागरिकों को रिपटे पर बाढ़ का पानी कम होने के लिए घंटो को इंतजार करना पड़ा।
गत वर्ष नागरिकों ने इस समस्या को नगर परिषद अध्यक्ष रेशू विभोर नायक को बताया था तब बताया गया था कि बरसात बाद पुलिया बना दी जावेगी। और अब दूसरी बरसात होने लगी परंतु पुलिया अता पता नहीं है।
बताया जाता है कि बेगम नदी पर इस रिपटे का निर्माण लगभग 20 साल पूर्व ग्राम पंचायत कार्यकाल में किया गया था तब से अभी तक रिपटे पर कोई कार्य नहीं किया गया है। लोगों ने रिपटे के स्थान पर पर्याप्त ऊंचाई का रिपटा बनाया जाए जिससे लोगों को परेशानी न हों। लंबे समय से यहां के ग्रामीण पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। महज 300 मीटर की क्षेत्र में पुल बनना है। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी की जा रही है।



