रजपुरा गांव में शेर की दहशत, ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन

मवेशियों के शिकार का आरोप, खेती और रोजमर्रा के काम प्रभावित; टाइगर रिजर्व में सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
हट्टा/दमोह । जिले के तहसील हट्टा के ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शेर के लगातार आवागमन से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने जन-धन की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के वन परिक्षेत्र रजपुरा के सहायक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शेर को पकड़कर सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़े जाने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कुछ समय से ग्राम रजपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक शेर का लगातार आवागमन बना हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शेर द्वारा गाय, भैंस, बकरी सहित पालतू मवेशियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खेती और मजदूरी पर भी पड़ा असर
ग्रामीणों के अनुसार यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और अधिकांश परिवार खेती, मजदूरी तथा जंगल से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। शेर की मौजूदगी के भय के कारण खेतों में काम करने, मजदूरी करने, लकड़ी चुनने सहित रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलने में ग्रामीणों को डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भय के कारण उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि शेर को तत्काल पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान अथवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण भयमुक्त होकर अपना जीवन-यापन कर सकें और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इनका कहना है— बहादुर सिंह, हिम्मत सिंह, रमेश सिंह, लोकेश, उमराव, अमान सिंह एवं भूरे सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से शेर की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने तथा ग्रामीणों और पालतू मवेशियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।



