रंगों का पर्व: 100 से अधिक स्थानों पर जलाई जाएगी होलिका, होलिका दहन समितियों ने शुरू की तैयारिया
चायनीच पिचकारियों की डिमांड घटी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। शहर में लगभग 100 से ज्यादा जगहों पर होलिका दहन श्रद्धभक्ति के साथ होगा।फाल्गुन माह की पूर्णिमा 17 मार्च गुरुवार को शुभ मुहूर्त में होगा।
होली पर भद्रा का साया, होलिका दहन के लिए सिर्फ 1 घंटा 15 मिनट का समय, बाजार में सजीं रंगों की दुकानें….
धर्मशास्त्री पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला सौजना ने बताया रंगों का पर्व होली फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को के दूसरे दिन 18 मार्च को धुलेंडी पर्व मनाया जाएगा। इस बार 17 मार्च गुरुवार को होलिका दहन हैं। लोगों के पास होलिका जलाने के लिए केवल एक घंटा 15 मिनट का समय रहेगा। इसकी मुख्य वजह इस दिन दोपहर 1:24 से रात 1.21 तक भद्रा योग रहेगा। जिसे अशुभ माना जाता है।
पंडित ओमप्रकाश शुक्ला, उपेंद्र शुक्ला मुकेश भार्गव ने बताया इस दिन रात 9 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 20 मिनट तक भद्रा का पुच्छ काल रहेगा। उस समय होलिका दहन किया जा सकता है। उन्होंने बताया जो लोग इस अवधि में होलिका दहन नही कर पाते हैं। वह रात 1:30 के बाद होलिका दहन करें। शहर में 100 से अधिक स्थानों पर होलिका का दहन होता है।
ऐसे बनता है भद्र योग….
पंडित राममोहन, कृष्ण मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि कर्क, सिंह, कुंभ व मीन राशि में चंद्रमा के विचरण पर भद्रा विशिष्टीकरण योग बनता हैं। तब भद्रा पृथ्वी लोक पर रहती है।
18 मार्च को धुलेंडी इसी दिन हुरियारों द्वारा मस्ती में होली खेली जाएगी….
पंडित केशव महाराज के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दोपहर 1:30 से प्रारंभ होकर अगले दिन दोपहर 12.40 तक रहेगी। उदया तिथि में 18 मार्च को पूर्णिमा होने पर इसी दिन होली खेली जाएगी
होलाष्टक होंगे खत्म….
फाल्गुन अष्टमी से होलिका दहन तक आठ दिनों तक होलाष्टक के दौरान मांगलिक और शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, मकान-वाहन की खरीदारी आदि किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है। इन आठ दिनों में भले ही शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन देवी-देवताओं की आराधना के लिए ये दिन बहुत ही श्रेष्ठ माने जाते हैं।18 मार्च शुक्रवार को होलकाष्टक समाप्त होंगे।
होली के सजे बाजार इस बार कई वैरायटी के सामान ,पिचकारियां उपलब्ध…
रायसेन में होली में कुछ ही समय बचा है। इसके चलते बाजार भी सज चुका है। बिक्री के लिए इस बार कई खास पिचकारियां पहुंची हैं। कलर शूटर, गुलाल बम, गुलाल थंडर जैसे नाम वाली पिचकारियों का दुकानदार अपने ही अंदाज में प्रचार कर रहे हैं। खुशी की बात यह भी है कि इस बार कहीं भी चाइनीज प्रोडक्ट नहीं है। देसी सामान से ही बाजार सजा है।
कोरोना के बाद पहली बार होली बाजार में रंगत….
रायसेन नगर में कोरोनाकाल के बाद पहली बार होली की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह दिख रहा है। रंग-गुलाल और बच्चों की पिचकारियों की डिमांड बढ़ी है। इसके अलावा इस बार आई मास्क, लट्टू पिचकारी समेत कई डिजाइन की टोपियां और रंग-बिरंगे बलून भी खास हैं। जिनकी अच्छी खासी डिमांड लोगों में है। उम्मीद है कि पिछले 2 सालों की तुलना में इस बार अच्छा व्यापार कर पाएंगे।
रंग-गुलाल 5% तो पिचकारियां 10% तक हुईं महंगी…
व्यापारियों ने बताया कि रंग-गुलाल की कीमत में इस बार 5 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वहीं पिचकारियां भी 10% तक महंगी हो गई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एक साल में ही पेट्राल-डीजल के दाम 20-25 रुपए तक बढ़ गए हैं। जानकारी के अनुसार कोरोना के डर से व्यापारियों ने इस साल भी होली के लिए कम स्टाक रखा था, लेकिन त्योहारी खरीदारी के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब आशंका है कि कहीं सामान का शार्टेज न हो जाए।



