सर्व स्वर्णकार सोनी समाज द्वारा मनाई गई समाज के आराध्य देव अजमीढ़ देव जी जयंती

रायसेन। सर्व स्वर्णकार सोनी समाज द्वारा रायसेन में अजमीढ़ देव जी जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। सर्वप्रथम सोनी समाज के आराध्यदेव अजमीढ़ देव की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रजवलित कर पूजा अर्चना की गई।
होटल अमोघ में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष राजकिशोर सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराजा अजमीढ़जी का जन्म त्रेतायुग के अन्त में हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम के समकालीन ही नहीं अपितु उनके परम मित्र भी थे। उनके दादा महाराजा श्रीहस्ति थे जिन्होंने प्रसिद्ध हस्तिनापुर बसाया था। महाराजा हस्ति के पुत्र विकुंठन एवं दशाह राजकुमारी महारानी सुदेवा के गर्भ से महाराजा अजमीढ़जी का जन्म हुआ। उन्होंने बताया की
अजमीढ़ देव जी एक महान क्षत्रिय पराक्रमी राजा के रूम में मान्य थे। शरद पूर्णिमा के दिन, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आदि पुरुष अजमीढ़जी की जयंती मनाने की परंपरा है। कार्यक्रम का संचालन अशोक सोनी ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक सोनी गुड्डा भैया, बद्री प्रसाद सोनी, ओमप्रकाश सोनी शासकीय अधिवक्ता, गोवर्धनलाल जिझोतिया, अयोध्याप्रसाद सोनी, मिथलेश सोनी, जगदीश सोनी, रामदयाल सोनी, सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविन्द सोनी, इंद्रभूषण वर्मा, आर के सोनी बैंक वाले, दिनेश बडोनीया, गरीवदास सोनी, मुरारीलाल सोनी, योगेंद्र सोनी, संतोष सोनी, अमित सोनी, हरीश सोनी, विकास सोनी, उमाशंकर सोनी, नीलेश सोनी, अखिलेश सोनी,
रामदयाल सोनी, जिला संयोजक आदिम जाति सीपी सोनी, ग़ल्ला व्यापारी कन्हैयालाल सोनी, बम्होरी हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष किशोर सोनी, गजेंद्र सोनी सहित सामाजिक बंधु उपस्थित थे।



