12 जेसीबी के साथ पहुंची सरकारी टीम, अवैध पत्थर खदानों-रास्तों को किया बंद

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
रायसेन। शनिवार को अवैध हकीमखेड़ी गांव में पत्थर खदानों के संचालन को रोकने गए वन अमले पर जानलेवा हमला किया था। इसके बाद रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई की।
संयुक्त रुप से कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारी अपने साथ 12 जेसीबी लेकर गए और यहां संचालित अवैध आधा दर्जन पत्थर खदानों को बंद कर दिया गया। साथ ही खदानों से निकलने वाले रास्ते को भी गड्ढा खोदकर बंद किया। वहीं पुलिस ने मामले में 6 नामजद आरोपियों में 4 को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान डीएफओ विजय कुमार, एसडीओ सुधीर पटले, एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, एसडीएम मुकेश सिंह, एसडीओपी मोहन सारवान सहित 100 से अधिक पुलिस जवान, तीन रेंजो के वन कर्मचारी मौजूद रहे।
ज्ञातव्य हो कि शनिवार को हकीमखेड़ी में चल रही अवैध खदानों के रास्तों को बंद करने गए वन विभाग के अमले पर खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला किया था। जिसमें डिप्टी रेंजर लालसिंह पूर्वी गंभीर घायल हो गए थे। जिनका इलाज एम्स भोपाल में हो रहा है। घटना के बाद कलेक्टर अरविंद दुबे, एसपी विकास शाहवाल और डीएफओ द्वारा हकीमखेड़ी पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया था। जिस पर कलेक्टर ने अवैध पत्थर खदानों को बंद करने के निर्देश दिए थे।
एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि इस मामले में वन अमले की रिपोर्ट पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों सहित अज्ञात 20 से 25 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए थे। जिसमें से पुलिस ने नामजद आरोपी मुस्ताक खां पिता जहूर खां, आरिफ खां पिता रहमत खां, जीशान पिता हनीफ खां, आदिल पिता हनीफ खां को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तौफीक खां पिता घीसा पटेल, सुलेमान खां पिता रईस खां फरार है। पुलिस की टीमें इन दोनों नामजद सहित अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।



