हाईटेंशन लाइन बनी मौत का कारण, ढीमरखेड़ा जंगल में तेंदुए की संदिग्ध मौत

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम भमका और परसेल के बीच उस समय सनसनी फैल गई, जब गिरुहा नाला के पास एक तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद तत्काल वन विकास निगम के अधिकारियों को सूचित किया गया।
*हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने की आशंका*
प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों के बयानों के अनुसार, जहां तेंदुए का शव मिला है, उसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजर रही है। बताया जा रहा है कि यह लाइन पास के ही एक पेड़ की शाखाओं से टकरा रही थी। पेड़ के तने पर आग लगने के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि पेड़ में करंट उतरने के कारण तेंदुआ उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
*मौके पर पहुंचा डॉग स्क्वॉड*
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या शिकार की संभावना को खारिज करने के लिए मौके पर डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं और तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
*जांच के घेरे में बिजली विभाग की लापरवाही*
वन विकास निगम (कुंडम प्रोजेक्ट) की डिप्टी डीएम अमृता रावत ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है । उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। यदि जांच में विद्युत लाइन के रखरखाव को लेकर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल*
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर जंगलों के बीच से गुजरने वाली असुरक्षित हाईटेंशन लाइनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों से छूती हुई इन लाइनों की शिकायत पहले भी की जाती रही है, लेकिन समय रहते समाधान न होने के कारण बेजुबान वन्यजीवों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।



