सरपंचों ने बिना नाराजगी जताये उस निर्णय के साथ अपनी सहभागिता की है, उनके संयम के कारण 2 लाख 48 हजार अधूरे काम पूरे हुये : पंचायत मंत्री

बड़ा फैसला 1250 पंचायत भवन नये बनाये जायेंगे
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोंह । चार महीने मनरेगा के काम पूरे राज्य में रोके थे, राज्य के सरपंचों ने बिना नाराजगी जताये, उस निर्णय के साथ अपनी सहभागिता की है, इसके लिए मैं सभी सरपंचों को धन्यवाद देता हूं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि उनके संयम के कारण 2 लाख 48 हजार अधूरे काम पूरे हुए हैं, अभी भी कुछ काम बाकी है लेकिन अभी ठीक 20 दिन पहले खेत सड़क, खेत तालाब और ग्रेवल रोड के काम खोले हैं, जिनका रेश्यो जिले में तय होता था, वह ब्लॉक में होगा, यदि कोई ब्लॉक अच्छा काम कर रहा है तो उसको पैसे मिलेंगे, जिनका रेश्यो ठीक है, उनको 3 करोड़ रूपये और जिनका रेश्यो ठीक नहीं भी होगा, एक करोड़ रुपए उनके खाते में जाएगा। मेरा आग्रह यही है कि पैसे का सदुपयोग हो और हम ऐसी परिसंपत्तियां बनाएं। इस आशय के विचार पंचायत और ग्रामीण विकास श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने आज दमोह भ्रमण के दौरान सर्किट हाऊस पर मीडियाजनों से चर्चा करते हुये व्यक्त किये।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा दूसरा बड़ा फैसला है लगभग 1250 नये पंचायत भवन बनाना है, उसकी हमने डिजाइन भी बदली है, अब जो पंचायत भवन बनेगा उसके ऊपर दो मंजिल और जा सकती है, यदि 25 साल 30 साल बाद जरूरत पड़ती है, तो उसके ऊपर बना सकते हैं, वह डिजाइन का हिस्सा है, अभी निर्णय करना बाकी है । मेरी इच्छा है कि अटल जी की जन्म जयंती 25 दिसंबर को है, हम उस दिन उन सभी का एक साथ भूमि पूजन करें और जो अगला 2025 का 25 दिसंबर आएगा, उसमें हम पहली ग्राम सभा वहां पर आहूत करें और साथ में उन भवनो का नाम भी रखने का सोच रहे हैं, तो यह भी एक नया प्रयोग है।
उन्होंने कहा ढाई साल बाद पंचायत के चुनाव होंगे, ऐसी कोई पंचायत नहीं होनी चाहिए जहां पर पंचायत भवन ना ,हो यदि जर्जर है तो आगामी 4 महीने में डिस्मेंटल करने की सूची जारी करेंगे, सरपंच उन्हें मिटाए उनकी जगह पर नया भवन बनाएं। अभी जिला पंचायत सदस्य और जनपद अध्यक्ष तक की कॉन्फ्रेंस की है, अब संभाग के अंदर आधे दिन सरपंचों का और आधे दिन जनपद सदस्यों का, यह मुझे संभागवार करना हैं, इसी ठंड के बीच में इन कार्यक्रमों को करूंगा, क्योंकि संवाद से लाभ हुआ है, बातचीत में हम एक दूसरे की सुनते हैं, जो मैदान पर काम करने वाला है वह सरपंच है, उसको बहुत सारी छोटी-छोटी बातों का सामना करना पड़ता है, उनके जो सुझाव आएंगे वह सरकार मानेगी।



