मध्य प्रदेश

स्वामी विवेकानंद जयंती पर दमोह में व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन

युवाओं को मिला प्रेरणा का संदेश, “विवेकपूर्ण जीवन से मिलेगा आनंद” – कलेक्टर सुधीर कोचर
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी1
दमोह। स्वामी विवेकानंद जी की 162वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के तहत मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा टाइम्स कॉलेज, दमोह में जिला स्तरीय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी का उद्घाटन कलेक्टर सुधीर कोचर ने किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद, छात्र और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने युवाओं को दिया संदेश
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कलेक्टर सुधीर कोचर ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के नाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “विवेक और आनंद, ये दो शब्द हमारे जीवन के पथ प्रदर्शक हैं। यदि हम विवेकपूर्ण ढंग से सोचें, बोलें और कार्य करें, तो न केवल हमारे जीवन में सुख और शांति होगी, बल्कि हम दूसरों के जीवन को भी आनंदित कर सकेंगे। स्वामी विवेकानंद जी का जीवन हमें यही शिक्षा देता है।”
वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र दुबे का प्रेरणादायी संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार नरेंद्र दुबे ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन को मानवता, बंधुत्व और सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों और कार्यों से पूरे विश्व को प्रेरित किया। उनका जीवन युवाओं के लिए आदर्श है। उनके विचार आत्मविश्वास, धैर्य और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं।”
अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं पर जोर
गायत्री शक्तिपीठ के पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, “स्वामी विवेकानंद को युगाचार्य के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को विज्ञान के साथ जोड़कर आधुनिक भारत की नींव रखी। उन्होंने धर्म और विज्ञान के समन्वय पर बल दिया और कहा कि पीड़ित और दुखी लोगों की सेवा करना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है।”
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
बीकेटी ग्रुप देवरी के डायरेक्टर श्री अवनीश मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्वामी जी ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर अपने विचारों को समाज में फैलाने का कार्य किया। पतंजलि योग समिति के अध्यक्ष के.के. परौहा ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
शिक्षा और संस्कृति का अद्भुत समागम
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने वक्ताओं के विचारों को प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समाज में आदर्श स्थापित करने का संदेश
यह कार्यक्रम युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेने और विवेकपूर्ण जीवन जीने का संदेश देता है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सेवा और आत्मनिर्भरता के मूल्यों को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

  1. ↩︎

Related Articles

Back to top button