मध्य प्रदेशविधिक सेवा

मानव अधिकार दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

सिलवानी । प्रधान जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा मानव अधिकार दिवस पर 10 दिसम्बर 2025 बुधवार को शासकीय कन्या उ. मा. विद्यालय सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त विधिक साक्षरता शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी सुनीता पचौरिया द्वारा उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर साल 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है । इस दिन को मनाने की वजह है कि साल 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। इस घोषणा में कहा गया है कि हर व्यक्ति को कुछ मूल अधिकारों का हक़ है, चाहे उसकी जाति, धर्म, रंग, या लिंग कुछ भी हो। कानूनी साक्षरता, मानवाधिकारों को दिखाने का एक असरदार तरीका है । जब लोगों को पता होता है कि कानून उन्हें क्या देता है, तो वे अपने साथ होने वाले अन्याय के प्रति संवेदनशील होते हैं।
शिविर में अभिभाषक आर.के. नेमा द्वारा द्वारा छात्राओं को बताया कि देश के हर नागरिक को संविधान के द्वारा कुछ मौलिक अधिकार दिए गए हैं जो हर व्यक्ति को जन्म से प्राप्त अधिकार मानवाधिकार की श्रेणी में आता है तथा मानवाधिकार की रक्षा के लिए अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच समन्वय जरुरी है।
कार्यक्रम में अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि संविधान में किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियां शिक्षा के प्रचार-प्रसार से ही दूर किया जा सकता है। शिक्षा व जागरूकता के आधार पर आप अपने अधिकारों को स्वयं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यालय के बच्चों से अपील की कि वे अपने नैतिक आदर्शो को अपने आचरण में समाहित करें, तभी स्वस्थ समाज की स्थापना संभव है। विधिक साक्षरता शिविर में स्कूल प्राचार्य सोनल नामदेव, सहित स्कूल स्टाफ व छात्राए उपस्थित रही।





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