गांव-गांव बिकवा रहा शराब शाम होते ही मयखानों में तब्दील हो जाती है ढाबा. अण्डा, चना सहित अन्य दुकानें
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान स्थित शराब दुकान ठेकेदार द्वारा लायसेंस की आड़ में गांव-गांव पैकारिया खुलवाकर शराब बिकवाने का मामला सामने आया है जहां पर ठेकेदार के गुर्गें द्वारा खुलेआम गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है और वहीं से शराब का विक्रय किया जाता है।
स्मरण रहे कि उमरियापान स्थित शराब दुकान में पिछले दिनों शिकायत पर जब हमारे संवाददाता ने मौका मुआयना किया गया तो वहां पर पाया गया कि संबंधित शराब दुकान में रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं किया गया और रात के समय बाहर के व्यक्तियों से तय दर से अधिक की वूसली की जाती है और यदि संबंधित व्यक्ति दुकान कर्मचारियों से ज्यादा रेट के संबंध में बात करता है तो ठेकेदार के गुर्गे लड़ने पर आमादा हो जाते है। लिहाजा मदिरा के शौकीन व्यक्ति ज्यादा दाम देकर शराब लेते है।
नहीं देते है बिल
सरकार द्वारा आये दिन शराब दुकानों में तय दर से अधिक दाम पर वसूली की शिकायत पर सख्त रुख अपनाते हुये यह व्यवस्था लागू की थी कि शराब दुकान संचालक अब अनिवार्य रुप से बिल सभी ग्राहकों को देंगे लेकिन ठेकेदार किस तरह से बेलगाम हो रहे है इसकी बानगी उमरियापान स्थित शराब दुकान में देखने को मिल रही है जहां पर सभी नियमों को रौंदते हुये शराब लेने पर बिल नहीं दिया जाता है और जो व्यक्ति बिल की बात दुकान कर्मचारी से करता है तो उल्टा दुकान कर्मचारी द्वारा यह कह दिया जाता है कि लेना है लो बिल नहीं देंगे। सवाल यह उठता है कि यदि संबंधित शराब दुकान में निर्धारित रेट के अनुसार शराब का विक्रय किया जा रहा है तो बिल देने में क्या परेशानी है। बिल देने में आनाकानी करने से एक बात स्पष्ट हो रही है कि शासन द्वारा निर्धारित रेट से अधिक में मदिरा का विक्रय किया जा रहा है और मदिरा प्रेमियों को खुलेआम लूटने का काम किया जा रहा है।
होटल, ढ़ाबा सहित अन्य दुकानों में पिलाई जाती है शराब
सूत्रों ने बताया कि उमरियापान सहित आसपास के क्षेत्रों में होटल, ढाबा सहित चना, अण्डा की दुकानों में खुलेआम शराब पिलाई जाती है और कई बार रात के समय विवाद की स्थिति तक पैदा हो जाती है। कुछ तथाकथित दुकानदारों द्वारा मदिरा सेवन करने वाली सामग्री को मनमाने दाम पर बेंचकर खुलेआम लूट मचाकर रखी गई है जिससे किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।




