चमत्कार के बीच श्रीजी का हुआ गगन विहार, जय घोष के साथ भगवान शांतिनाथ हुए विराजमान

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । हमारे ऋषि मुनि एवं पूर्वजों ने अपने आत्मवल त्याग तपस्या एवं संकल्प शक्ति से रिद्धि सिद्धि प्राप्त कर तीर्थ क्षेत्र अतिशय क्षेत्र सिद्ध क्षेत्र आदि का निर्माण किया जो हमारी आस्था के अगाध सिंधु बन गए ऐसी ही आस्था का केंद्र बिंदु भगवान शांतिनाथ जी का चमत्कारोदय तीर्थ क्षेत्र जो बहोरीबंद में स्थित है बहुत प्राचीन समय से अपनी दिव्यता मनोरथ पूर्ति और संकल्प बढ़ाने में सहायक होता रहा है आज पुनः बहोरीबंद मे मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ससंग में बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया द्वारा मंत्रोचार एवं पूर्ण विधि विधान से नवीन जिलालय में परमात्मा की उत्कृष्ट अनुपम शोभायमान अतिशयकारी छवि को अपार जन समुदाय के बीच जयकारो ऋद्धि मंत्रों के नव निर्माणांधीन मंदिर परिसर मे फूलों की भांति गगन विहार करते हुए उच्च सिंहासन पर अतिशयकारी भगवान शांतिनाथ जी को विराजमान किया।
प्रात कालीन कार्यक्रम के प्रथम चरण में वालम्हचारी प्रदीप भैया के निर्देशन मे मंदिरजी मे पूजन विधानअभिषेक एवं सामूहिक शांति धारा का आयोजन बड़ी संख्या में उपस्थित धर्म प्रेमी जनों की उपस्थिति में संपन्न किया गया । अनुराग जैन, उत्तम चंद जैन, राकेश जैन, प्रमोद जैन, प्रमोद जैन, चूना, प्रेमचंद, प्रेमी, सुरेन्द्र सिंघई, महेन्द्र जैन, प्रशांत जैन, विनय जैन, मनोज जैन, केएल जैन, मनोज मोदी, गोपीचंद जैन, दिनेश जैन, रमेश जैन, प्रशांत जैन, नीरज जैन, संतोश जैन, भोलू जैन, विजय जैन, डा महेन्द्र जैन, पुष्पेन्द्र मोदी आदि की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।



