डायरिया की चपेट में आये कई आदिवासी लोग, मासूम सहित 55 वर्षीय महिला की मौत

दो दिनों से परेशान थे उल्टी दस्थ से परेशान, ग्राम भडरा का मामला
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जिले की जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत भडरा में सोमवार को अचानक कई लोगों को उल्टी दस्त होने से वे चक्कर खा कर गिरने लगें जिससे उनकी हालत और खराब होने लगीं! इस घटना की जानकारी जैसे ही स्थानीय प्रशासन को लगीं वे हैरान हो गये और तत्कालीन जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना सहित स्थानीय अधिकारी सिहोरा जनपद पंचायत के ग्राम भण्डरा में पहुंचकर पीड़ित सहित गांव का भ्रमण किया! स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग को लगीं तो वे सभी लोगों में हड़कम मच गया! तत्कालीन सभी जिला कलेक्टर के समक्ष उपस्थिति होकर घटित हुई घटना को लेकर चिंतित थे! जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने सभी उपस्थिति स्थानीय स्वास्थ्य विभाग, लोक यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, जनपद पंचायत कार्यपालक अधिकारी, एस डी एम, तहसीलदार तथा आबकारी विभाग के अमले की बैठक लेकर गांव में उचित साफ-सफाई व्यवस्था अभियान चलाने हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर अनुपस्थित बच्चों के घर जाकर उनके स्कूल या आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं आने के कारणों को जानने के निर्देश दिये हैं।
डारिया से पीड़ित आदिवासी लोगों में एक दो वर्ष बालक सहित एक महिला की मौत ने गाँव की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह? खड़ा कर दिया है! क्या जवाब दारी के साथ कार्य किये जा रहें है!
गांव में उल्टी दस्त से दो मृत्यु होने की सूचना पर जिला कलेक्टर सक्सेना खुद स्थिति का जायजा लेने वहां पहुंचे! और सबसे पहले उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जनपद पंचायत अमले को भण्डरा पहुंचकर घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिये। इन सभी विभागों का अमला सुबह से वहां पहुंच भी गया था। लेकिन इन विभागों के गांव के दोनों ओर कोल समाज बस्ती और यादव समाज बस्ती के घर-घर सर्वे के दौरान संक्रामक रोग फैलने जैसी कोई स्थिति नजर नहीं आई।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने खुद स्थानीय ग्रामीणों से भी इस बारे में चर्चा की। ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि गांव में कोल समाज के ही एक परिवार में चार जुलाई को वैवाहिक समारोह से घर लौटने के बाद चंदा बाई की तबियत खराब हो गई थी। वैवाहिक समारोह में भोजन लेने से उल्टियां होने के कारण चंदा बाई 55 वर्ष की मृत्यु को प्रमुख कारण बताया। वहीं कोल बस्ती के ही दो वर्ष के शिवम कोल की मृत्यु की वजह उसका बहुत ज्यादा कमजोर होना पाया गया। चंदा बाई कोल की मृत्यु 5 जुलाई की सुबह लगभग साढ़े छह बजे होना बताया जा रहा है । चंदाबाई के बेटे सुखचैन कोल ने बताया कि उसकी मां को चार और पांच जुलाई की दरमियानी रात करीब तीन बजे से उल्टियां शुरू हुई थीं।
कलेक्टर स्वयं चंदा बाई कोल के घर पहुंचे थे और सुखचैन से बात भी की। उन्होंने सुखचैन से मां को उल्टी होने के कारणों के बारे में पूछा। और घर के बर्तनों में भरा पानी की जांच भी जिला कलेक्टर ने कराई । हालांकि सुखचैन ने बताया कि उनके घर पानी अच्छा आता है। गांव में पानी की सप्लाई नल जल योजना के माध्यम से होती है।
कलेक्टर ने 2 वर्ष के शिवम की मुत्यु के कारणों की वजह भी स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास के स्थानीय अमले से जानी वहीं उन्होंने ग्रामीणों से भी इस बारे में बात की। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के स्थानीय अमले ने बताया कि शिवम कोल पिता रामलोचन कुपोषण का शिकार था। उसकी मां गीता को इस बारे बार-बार बच्चे के स्वास्थ्य पोषण पुनर्वास केन्द्र चलने की सलाह दी जाती थी। कई बार उसे समझाइश भी दी गई। वो बच्चों को लेकर पोषण केन्द्र जाने को तैयार नहीं हुई। बल्कि जब भी उसे पोषण पुनर्वास केन्द्र चलने कहा जाता वो किसी न किसी बहाने से टाल दिया करती रहीं! साथ ही बच्चे को लेकर अपने मायके मझगवां चली जाती थी। जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने असमय दोनों मृत्यु को लेकर ग्रामीणों से बात रखते हुये स्वयं के और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का आग्रह किया।
जिला कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को भी गांव में साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर घर-घर जाकर स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता लाने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आबकारी विभाग को खासतौर पर हिदायत दी की भण्डरा तथा आसपास के गांव में अवैध शराब का निर्माण और विक्रय पर सख्ती से रोक लगाई जाये वहीं दोषियों के ऊपर कठोर कार्यवाही की जाये।
जिला कलेक्टर के साथ भण्डरा गांव में भ्रमण के दौरान जिला पंचायत की सीईओ जयति सिंह, सिहोरा जनपद पंचायत प्रभारी जितेंद्र गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, सिहोरा एसडीएम रूपेश सिंघई, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास एमएल मेहरा, तहसीलदार शशांक दुबे, नायाब तहसीलदार जगभान उईके पूर्व सिहोरा विधायक दिलीप दुबे सहित स्थानीय गाँव वासी एवं कोटवार इस दौरान उपस्थिति रहें ।



