मर्ज के आगे दवा बेअसर, वन विहीन जंगल मे वन्य प्राणी छोडे जाना बेतुका
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । शासन ने वन विभाग की गतिविधियां को समझे बगैर ही प्रवासी व बाहरी वन्य प्राणियो को दूसरे प्रदेशो से लाकर यहां के जंगल मे छोडने व अभयारण्य बनाने की कवायद तो कर रहा है लेकिन यहां मर्ज केआगे दवा बेअसर ही साबित हो रही है हम बाहर से बुलाकर जंगलो मे जंगली जानवर छोड रहे है और वह जंगल छोडकर भाग रहे है जिनके आये दिन गांव नगर शहरो व सडको पर वाहनो के दुर्घटना के शिकार होने कुआ बाबडियो मे गिरने आदि के समाचार मिल रहे है। वन्य प्राणियो के पलायन व जंगल के बाहर भागने से उनके मारे जाने व लोगो पर गाहे बगाहे हमला करने घरो मे घुसकर जानमाल का नुकसान करने के परिणाम स्वरूप शासन ने इसकी नब्ज ही नही टटोली, वन विभाग की नीति व शासन की मन्शा मे भिन्नता के चलते जल्दी मे बिना सोचे समझे उठाया गया कदम असफलता की ओर इंगित हो रहा है, यहां गम्भीर चिन्ता का बिषय यह है कि वन विभाग जंगल की रक्षा की आड मे अंधाधुंध फर्नीचर के लाइसेंस जारी करता जा रहा है जिनमे अप्रत्यक्ष रूप से अघोषित या यूं कहे की खुले आम चोरी की बेतहासा सागौन की लकडी वन माफियाओ के जरिये टैक्टरो ट्को व अन्य वाहनो के माध्यम से प्रतिदिन काटकर लाई जा रही है ऐसे मे जंगल, जंगल कहां रह गया तेजी से रेगिस्थान मे बदलते जा रहे वनो मे हरे भरे सागौन के पेडो को बचाने व संरक्षित करने के उल्टे इन्हे वन विभाग के ही मेल जोल व मिली भगत से आनन फानन में पेडो को कटवाया जा रहा है इससे यहां के पर्यावरणीय व पोषक जंगल बिना पेडो के वीरान होते जा रहे है या हो गये है सर्वविदित है की शेर तेन्दुआ जैसे जंगली जानवर घने वियावन जंगल मे ही रहना व विचरण करना पसंद करते है उन्हें अनुकूल वन्य व्यवस्था नही मिलने के कारण वह जंगल छोड छोडकर शहर की तरफ भाग रहे है कहने का आशय है की पहले जंगलो को बचाने के लिये वन माफियाओ को दिये गये फर्नीचर लाइसेंसो को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जावे क्योकि इनकी आड मे जंगलो का पूरी तरह सफाया हो गया है जंगल अब सिर्फ ढोल की पोल रह गये है जो पेड सडको के आसपास दिखलाई दे रहे वही जंगल की शान बचे है शासन वन्य प्राणियो के जंगल मे छोडने से पहले उन्हे उनके अनुरूप जंगल बना के दे वरना मे जानवर पलायन पर पलायन करते जावेंगे और आम जनता के साथ साथ जंगल से सटे खेत वाले किसानो को सिरदर्द व मुसीबत बने रहेगे शासन इस ओर ध्यान दे।



