कृषिमध्य प्रदेश

सेमरी सिंचाई परियोजना ने बदली जिंदगी, हरी-भरी हो रही फसल, खुशहाल है किसान

क्षेत्र में 144.66 करोड़ की लागत से निर्मित सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना से 32 गांव के किसान लाभांवित
साढे़ पांच हजार से अधिक हेक्टेयर में हो रही सिंचाई

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस सिंचाई परियोजना ने किसानों के जीवन को खुशहाल कर दिया है। जल संसाधन विभाग द्वारा 144.66 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित परियोजना से 32 गांव के लगभग 3064 किसान लाभांवित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की परियोजना का कई वर्षों से इंतजार था। उन्होंने बताया कि पहले खेती के लिए पानी की बहुत समस्या थी। समय पर पानी नहीं मिल पाने के कारण फसलें बर्बाद हो जाती थीं, लेकिन अब परियोजना आने के बाद से समस्याएं दूर हो गईं हैं। खेतों में फसल हरी भरी हो रही है।
144.66 करोड़ की लागत से निर्मित है सेमरी परियोजना:-
जल संसाधन विभाग रायसेन के कार्यपालन यंत्री आरके पंडोले ने बताया कि सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना बेगमगंज के ग्राम मरखेड़ा टप्पा के समीप सेमरी नदी पर निर्मित है। यह परियोजना 2015 में पूर्ण हो चुकी हैं। 144.66 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित परियोजना से 5700 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित किया जा रहा है। साल 2022-23 में योजना से 5705 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
32 गांव के तीन हजार से अधिक किसानों की फसलों को मिल रहा पानी:- सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना से मरखेडा टप्पा, छोला, झिरीयारानी, महुआ खेड़ाकला, सहका, पिपलिया घाट, ध्वाज, मेहगवां, नैनविलास, खामखेड़ा, बरेली, पिपलिया बरेई, पंडाझिर, परसोरा, सलैया, खिरिया नारायणदास, हपसिली, उचेरा, कोलुआ, मढियानिवाड़ी, सागोनीगोसाई, रहटवास, फतेहपुर, कटंगी, सिमरिया, गरोड़ीपुर, खेजड़ा, सुमेर, रमपुरा, मझगवां, सावली एवं सिमरिया खुर्द के 32 गांव के 3064 किसान परिवार लाभांवित हो रहे है।
‌‌ कर्ज से मिली मुक्ति, बालक-बालिका की शादियां भी कर दीं:-
सेमरी सिंचाई परियोजना से लाभांवित हो रहे मरखेड़ा टप्पा के किसान महेश मिश्रा ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है। परिवार में पांच भाई साथ मिलकर रहते हैं। सभी भाइयों की शादी हो गई है। 22 एकड़ में खेती करने वाले किसान महेश मिश्रा ने कहा कि वे कर्ज लेकर खेती करते थे। खेत में ट्यूबबेल होने के बावजूद पानी कम आता था। समय पर पानी नहीं मिलने से फसल बर्बाद हो जाती और उत्पादन भी कम हो रहा था। सेमरी सिंचाई परियोजना के बाद से भरपूर पानी मिल रहा है, जिससे फसल अच्छी हो रही है उत्पादन दोगुना हो गया है। मिश्रा ने बताया कि साल 2021 में उन्होंने एक बालक और एक बालिका की शादी भी कर दी है।
सिंचाई परियोजना से पहले पानी नहीं मिलने से हो जाती थी फसल बर्बाद:- परसोरा गांव के किसान महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सेमरी मध्यम सिंचाई परियोजना से उन्हें काफी राहत मिली। महेंद्र सिंह के अनुसार वे पांच एकड़ में खेती करते है। उन्हें खेती के लिए पानी की समस्या से जूझना पड़ता था। परिवार में पांच भाई है। सभी की शादी हो गई। सिंचाई परियोजना आने के बाद से पानी की समस्या दूर हुई। अब फसल भी अच्छी हो रही है और आर्थिक समस्याओं का सामना भी नहीं करना पड़ा रहा है।
किसानों को लंबे समय से था परियोजना का इंतजार:- सहका गांव के किसान गोविंद लोधी ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य है। सभी खेती पर निर्भर है। गोविंद के अनुसार वे चार एकड़ में गेहूं की खेती करते हैं। खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण हर साल फसल बर्बाद हो जाती थी। उन्होंने कहा कि गांव के रहवासियों को इस प्रकार की परियोजना का इंतजार था, जिससे फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके। सिंचाई परियोजना आने के बाद से भरपूर पानी मिलता है। और हर साल अच्छी फसल हो रही है। गोविंद लोधी ने बताया कि उनकी एक बहन की शादी हो गई है। एक भाई और है। अब हम उसकी शादी भी आसानी से कर पाएंगे।

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