किसानों के लिए वरदान साबित हो रही मूंग की फसल

मूंग की फसल के दाम से किसान अगली फसल की करते है तैयारी
60 दिन में फसल तैयार होकर बाजार में आ जाती है
गर्मी के मौसम में खेतो में हरियाली की चादर
सिलवानी। किसानों के लिए मूंग की फसल वरदान साबित हो रही है तीसरी फसल के रुप में किसान खेतों में मूंग की फसल की बोवनी करते है, जिससे किसानों को ना केवल लाभ हो रहा है। बल्कि मूंग की फसल के विक्रय करने से प्राप्त राशि से किसान धान की फसल की तैयारी कर लेते है। प्रति वर्ष तहसील में मूंग की फसल की बोवनी किए जाने का रकबा लगातार बढ़ रहा है। 60 दिन में तैयार होकर बाजार में आनी वाली मूंग की फसल की बोवनी किए जाने को लेकर क्षेत्र के किसान उत्साहित है।
रबी सीजन की फसलों की कटाई के बाद खेतों में काली मिट्टी ही चमकती नजर आती है। लेकिन किसानों ने इस बार तीसरी फसल के रूप में मूंग की बोवनी बहुतायत में की है। जिसके कारण खेतों में हरियाली भी दिखाई दे रही है। हालांकि जलस्त्रोतों में पानी की उपलब्धता कम होने के कारण किसानों को तीसरी फसल लेने में भारी मशक्कत करना पड़ रही है।



