MPRDC की दोहरी नीति, जबलपुर से दमोह जाने वाली बसों को टिमरी टोल निशुल्क, ट्रकों से वसूली जारी
एमपीआरडीसी के जिम्मेदार अधिकारी मौन
रिपोर्टर : राजेन्द्र सिंह
पाटन। जबलपुर जिले की पाटन मझौली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले मप्र रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड,जबलपुर जो मध्य प्रदेश शासन का उपक्रम है इसके अंतर्गत आने वाली जबलपुर- पाटन- शहपुरा सड़क मार्ग की लम्बाई 38.842 कि.मी है। जिसकी टोल वसूली के लिए टिमरी के पास टोल नाका दिनांक 15.05.2022 को संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम जबलपुर के आदेश पर शुरू किया गया था। पहले ग्राम नुनसर के पास टोल निर्माण कार्य प्रारंभ किया था लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद टोल प्लाजा निर्माण कार्य रोकना पड़ा था इसके बाद क्षेत्रीय विधायक अजय विश्नोई के द्वारा ग्रामीणों को बताया गया की मटर परिवहन करने वाले वाहनों से टोल नही लिया जाएगा। सिर्फ कमर्शियल वाहनों से टोल लिया जाएगा। पाटन नगर की सीमा में लगे एमपीआरडीसी के बोर्ड में यह दर्शाया गया है कि जबलपुर -पाटन- शहपुरा सड़क मार्ग की लम्बाई 38.842 जिस पर आपको टिमरी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स देना है। लेकिन ये कही नहीं लिखा कि जो ट्रक चालक जबलपुर से तेदुखेड़ा दमोह की ओर जाते है उनको भी टिमरी एवं गाड़ाघाट की लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तय करने पर दो जगह टोल टैक्स देना पड़ेगा। जबकि कमर्शियल प्राइवेट बसों को टिमरी टोल टैक्स से राहत प्रदान की गई है उनको सिर्फ गाड़ाघाट में टोल टैक्स देना पड़ता है। जबकि ट्रक चालकों से दोनों जगह टैक्स लिया जा रहा है। ट्रक चालकों के साथ शासन प्रशासन का ऐसा भेदभाव क्यों यह समझ के परे है। यदि नियम अनुसार 15 किलोमीटर के दायरे में दो जगह टोल टैक्स वसूली के निर्देश शासन प्रशासन ने दिए है तो एमपीआरडीसी के बोर्ड में साफ साफ अक्षरों में लिखा जाना चाहिए था की जबलपुर दमोह की ओर जाने वाले ट्रक चालकों को टोल टैक्स देना अनिवार्य है जिसके आय दिन होने वाले ट्रक चालकों के विवादों को टाला जा सके। जब कमर्शियल ट्रक से टिमरी में टोल टैक्स लिया जाता है तब कमर्शियल प्राइवेट बसों को टिमरी टोल नाका निशुल्क क्यों, जबकि वाहन तो दोनों ही कमर्शियल श्रेणी में आते हैं फिर बस मालिकों को रियायत क्यों..!



