सड़क किनारे एक घर के पास नवजात बालिका मिली
आष्टा। अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो… शायद सडक़ किनारे मिली नवजात ईश्वर से यही प्रार्थना कर रही हो। दरअसल, सीहोर जिले के ग्राम नवगांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। गांव के राहगीर राजदीप सिंह की नजर रोड किनारे एक घर के पास पड़ी। उन्होंने देखा कि एक नवजात शिशु बालिका जो कि एक घर के पीछे पाई गई।
उन्होंने तत्काल 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। मौके पर एम्बुलेंस आई और इएमटी राधेश्याम वर्मा व एम्बुलेंस पायलेट संजय वर्मा ने उक्त नवजात बालिका को आष्टा चिकित्सालय में सकुशल भर्ती कराया गया।
बाद नवजात को आष्टा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां बच्ची को आईसीयू रखा गया था। हालत सुधार होता न देख उसे सीहोर जिला चिकित्सालय भेजा दिया गया। बच्ची के स्वस्थ होने पर उसे बाल कल्याण विभाग को सौंप दिया जाएगा।
मामला शनिवार दोपहर करीब 2 बजे सामने आया। गांव की टांडापुरा कॉलोनी में एक प्राइवेट स्कूल के पीछे किसी ने पॉलिथीन में लपेटकर नवजात को फेंक दिया था। स्कूल के बच्चों ने नवजात के रोने के आवाज सुनकर स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद लोगों ने स्कूल के पीछे जाकर देखा तो झाड़ियों में एक नवजात पॉलिथीन में लिपटी मिली। यह देखकर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। लोगों ने डायल 100 और 108 को इसकी सूचना दी।
मौके पर पुलिस स्टाफ और एम्बुलेंस से स्वास्थ्य विभाग प्रभारी पहुंचे। उन्होंने बच्ची को देखकर आष्टा अस्पताल भेजा। आष्टा के बाद बच्ची को सीहोर के जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही सिद्धिगंज थाने की पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची। सिद्धिगंज थाना के एसएसआई मधे सिंह ने बताया कि बच्ची की हालत देखकर लगता है उसे आज सुबह ही किसी निर्मोही मां ने झाड़ियों में फेंका है। नवजात को आष्टा के सिविल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। वहां नवजात की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल सीहोर रेफर कर दिया गया।



