ढोल नगाडे आतिषबाजी अखाडो डीजे की धुन पर हुई दुर्गा प्रतिमाओ की स्थापना

प्रथम पूज्य मां शैलपुत्री की उपासना से हुई शारदीय नवरात्रि की शुरुआत
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । दुर्गा उत्सव दशहरा एवं अखाडो के हैरतअंगेज कारनामो के लिए प्रसिध्द गौरझामर मे नौ दिनी शारदीय नवरात्रि की शुरूआत। तीन अक्टुबर गुरुवार से नव दुर्गाओ में प्रथम देवी शैल पुत्री की आराधना से की गई नवराात्रि पर नगर मे सजे मां के पारम्परिक दुर्गा पंडालो जिनमे विगत एक सप्ताह पहले से विधुत साज सज्जा व झांकियो की भव्य सजाबट की तैयारी चल रही थी इनमे पूरे विधि विधान आराधना उपासना मन्त्रोच्चार के साथ दुर्गा प्रतिमाओ की स्थापना प्राण प्रतिष्ठा बाजे गाजे के साथ धूमधाम से की गई है। बता दे कि गौरझामर मे हर वर्ष माता की कृपा व आशीर्वाद से नवरात्रि पर कुछ न कुछ नवीन व नई बात करने की प्रेरणा जरूर मिलती है पूर्व मे फूलबाग मे एक ही स्थान पर जहां 51,108, 208 दुर्गा प्रतिमाये स्थापित करने का अवसर माता ने दिया तो बस स्टैण्ड की पुनीत पावन झांकी में माता रानी सीधे कलकत्ता से आकर विराजमान हुई और अपने भक्तो को पावन दर्शन देकर उनकी मनोकामनाये पूरी की इस बार कलकत्ता वाली माता की कृपा महाकाली के विराट व भव्यावतार मे गौरझामर के घुसयाना मुहल्ला स्थित विशाल पंडाल मे बरस रही है यहां विराजी मां महाकाली कलकत्तावाली कलकत्ता से लाई गई है दुर्गोत्सव पर इस बार बस स्टैण्ड, पुराना स्टेण्ड गेंदघर, फूलबाग, बीजासेन, गांधी चौक इतवारा बाजार खेरापतिमाता , नयापुरा, बीडी ब्रान्च मेनरोड ,भटुआ टोला, अस्पताल, वार्ड नम्बर सात, मेनरोड इमली बस स्टैण्ड, गुगवारा ,हांता, एमपी नगर आदि स्थानो पर माता की भव्य व विशाल झांकी सजाई गई है सभी पंडालो मे मूर्तियो की स्थापना बाजे गाजे आतिशबाजी के साथ धूमधाम से की गई तथा पूजा अर्चना आरती महाआरती के साथ साथ अनेको धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है । जिसमे लोक कलाकारो के मंचीय लोकगीत लोक भजन, भजन मंडलियो के भजन माता के गीत आदि के आयोजनो से लोग शक्ति की भक्ति मे लीन देखे जा रहे है।


