सहायक शिक्षक के पद से सेवानिवृत होने पर शिक्षको व ग्रामीणों ने दी भावभीनी विदाई

विदाई के दौरान ग्रामीणों व शिक्षको के छलके आंसू
रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । शिक्षक का स्थान सबसे श्रेष्ठ होता है शिक्षक के बिना शिक्षा पाना असम्भव है शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध बहुत ही घनिष्ठ माना जाता है गुरु ही है जो अपने शिष्य को सदमार्ग पर चलने की शिक्षा के साथ साथ सही राह दिखाता है यही से प्रत्येक आदमी के जीवन की रूप रेखा बनती है जब शिक्षक अपनी सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत होता है और जब अपने विद्यार्थियों और अपने विद्यालय को हमेशा के लिए छोड़ता है तब क्या दृश्य बनता है कोई भी अपनी आंखों में आंसू रोक नहीं पाता है आज पलेरा विकाशखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिजरावन के प्राथमिक पाठशाला में पदस्थ सहायक शिक्षक रमेशचंद्र अहिरवार जो प्रधानाध्यापक के रूप में पदभार लेकर अपनी सेवा दे रहे थे आज उनका सेवानिवृति कार्यक्रम प्राथमिक पाठशाला बिजरावन में मनाया गया क्षेत्र के शिक्षक गणों और साथियों व ग्रामवासियों ने इनको साल श्रीफल देकर भावभीनी विदाई दी । एक और शिक्षको में सेवापूर्ण करने की खुशी तो वही साथियों से बिछड़ने का गम दिख रहा था इनका जन्म ग्राम स्यावरी जिला झांसी के यूपी में हुआ था इनकी नियुक्ति सन 1987 को उपरारा में हुई थी तब से लगातार अपनी सेवा शिक्षा क्षेत्र में सहायक शिक्षक के रूप में दे रहे थे इनके कार्य क्षेत्र जहां इन्होंने अपनी सेवा दी कुंडेश्वर, नौरा,निवौरा, और बिजरावन। इनके द्वारा पढ़ाए गए कई विद्यार्थी आज बड़ी बड़ी पोस्टों पर अधिकारी बने है इनका शिक्षा जगत में विद्यार्थियों के लिए इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है ।
इस अवसर पर रमेशचंद्र ने विद्यार्थियों को शुभकामनाओं सहित संदेश दिया की वे अच्छी तरह पढ़े और जीवन में उत्तरोत्तर वृद्धि करे राष्ट्र निर्माण कार्य करे व अपना अतुलनीय सहयोग प्रदान करे । इस कार्यक्रम के दौरान संकुल केंद्र चंदेरा के प्रिंसिपल सिंधपाल सिंह बुंदेला, प्राचार्य रामपाल अहिरवार, पूर्व प्राचार्य आत्माराम वर्मा, बीडी बर्दिया, घन्नेंद्र सिंह गौर, अखिलेश अहिरवार, रामदेवी अहिरवार अनुसूचित जनजाति हॉस्टल अधीक्षिका जेवर, वीरसिंह ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर, आयोध्यप्रसाद अहिरवार, छोटेलाल अहिरवार व बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य मौजूद रहे।



