करेंट की चपेट से एक गाय की मौत, बारिस में विद्युत करंट का खतरा बढ़ा अधिक

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले के सिहोरा नगर पालिका सीमा क्षेत्र मझोली सिहोरा सड़क मार्ग के किनारे गईं विद्युत सर्विस लाईन केबिल में अचानक लोहे की पाइप में करेंट आ जाने से एक गाय सुलझ गईं! और तड़प तड़प कर उसकी जान चली गईं! सुबह लगें गाय को करेंट के बाद जब दोपहर में नगर पालिका कर्मचारी एवं विद्युत विभाग सिहोरा के कर्मचारी घटना स्थल पर पहुँचे तो गाय का पैर लोहे के पाइप से चिपका हुआ पाया गया और गाय लकड़ी की तरह अकड़ गईं थीं! इस मंजर को जिसने भी देखा वह दंग रह गया! जेबी सी मशीन की सहायता से उस मृत गाय को उठा कर उचित स्थान में डिस्पोज कराया गया!
जानलेवा हो सकता है बारिस में बिजली का झटका, जानें करंट लगने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए इलेक्ट्रिक शॉट कितना गंभीर है, यह करंट या उसके पावर वोल्टेज पर निर्भर करता है! बिजली का झटका लगने पर जीव, जन्तु, पशु सहित मानव की जान भी जा सकती है! अत : इस दौरान हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है! इसलिए इससे बचने के लिए जरूरी बातें जान लेनी चाहिए!
जून माह के अंतिम पखवाड़े पर –
जानलेवा हो सकता है बिजली का झटका, जानें करंट लगने पर सबसे पहले क्या करना चाहिएबिजली का करंट लगने पर क्या करें और क्या नहीं, जानें
Electric Burn First Aid : – बारिश का मौसम आ गया है. इस दौरान बिजली करंट का खतरा भी बढ़ जाता है. लापरवाही की वजह से करंट की चपेट में आने से शरीर के किसी अंग में जलन हो सकती है. कई बार बिजली का झटका जानलेवा भी साबित हो सकता है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि बिजली का शॉक लगने या जल जाने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए!
जब नॉर्मल बिजली शॉक लगे तो क्या करें –
अगर बिजली का करंट स्किन पर लग गया है और वहां जलन हो रही है तो सबसे पहले उस जगह एक ठंडा गीला कपड़ा रखें. अगर वहां छाले निकल आए हैं तो उसे फूटने न दें. उस जगह की स्किन को धीरे-धीरे साफ करें और वहां पट्टी लगाएं. अगर जलन गंभीर है तो किसी एक्सपर्ट से सलाह लें.
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए
कई बार बिजली का झटका खतरनाक हो सकता है. जलन भी गंभीर हो सकती है. करंट त्वचा, मांसपेशियों, ब्लड वेसल्स और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है. इसकी वजह से शरीर के अंग भी डैमेज हो सकता है. ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
करंट लगने पर क्या सावधानी रखनी चाहिए
अगर घायल व्यक्ति अभी भी करंट के संपर्क में है तो उसे न छुएं.
अगर करंट हाई-वोल्टेज तार या बिजली है तो तुरंत लोकल इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें.
जब तक बिजली काटी न जाए, तब तक हाई-वोल्टेज तारों के करीब न जाएं.
ओवरहेड बिजली लाइन आमतौर पर इंसुलेटेड नहीं होती हैं, इसलिए कम से कम 50 फीट यानी करीब 15 मीटर दूर ही रहें.
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अगर तारों से स्पार्किंग हो रही हैं तो उनसे उचित दूरी बनाकर ही रखें.
गिरे हुए बिजली के तारों पर गाड़ी न चलाएं.
अगर बिजली के तार वाहन को छु रहे हैं तो आप गाड़ी के अंदर ही रहें. बाहर न निकलें और इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर मदद मांगें!
बिजली का करंट जिस व्यक्ति को लगा है, उसे तब तक न हिलाएं, जब तक वो खतरे से बाहर न आ जाए!
इमरजेंसी नंबर पर कॉल कब करना चाहिए!
गंभीर जलन,उलझन,सांस लेने में दिक्क्त, हार्ट बीट अनियमित होने पर हार्ट बीट न चलने पर,
मांसपेशियों में दर्द और संकुचन
बेहोश होना!
मेडिकल हेल्प सुरक्षा आने तक क्या करें –
संभव हो तो बिजली का स्विच बंद कर दें! अगर नहीं तो घायल व्यक्ति को उससे दूर ले जाएं!
कार्डबोर्ड, प्लास्टिक या सूखी लकड़ी से ही बिजली स्विच को ऑफ करें!
अगर घायल न सांस ले रहा, न हिल रहा और ना ही उसकी नाड़ी चल रही है तो तुरंत CPR शुरू करें!
घायल के कपड़े न हटाएं, उसके जले हुए स्थान को साफ भी न करें. जले हुए स्थान को पट्टी या साफ कपड़े से ढंक दें. कंबल या तौलिये का इस्तेमाल न करें!



