ज्योतिष

आज का पंचांग आज का पंचांग बुधवार, 10 जनवरी 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 10 जनवरी 2024

10 जनवरी 2024 दिन रविवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज भद्रा है और साथ ही आज यमघंट योग भी है। यह यमघंट योग किसी भी प्रकार की यात्रा के लिए बताया गया है। इसी प्रकार आज चतुर्दशी को भी रिक्ता तिथि माना जाता है। और प्रकाशित तिथि में यात्रा की शुरुआत की गई है। इसलिए आज या कभी भी किसी भी दिन यह यमघंट योग हो तो किसी भी प्रकार की यात्रा नहीं करनी चाहिए।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो बुद्धि प्रचोदयात्।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से यानी तेल लगाने से माता लक्ष्मी को धन लाभ होता है।
रविवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन है। रविवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
रविवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा निकेड़कर बालकों का भोग लगाकर उनकी पूजा अर्चना करने से सभी मन्त्र पूर्ण होते हैं।
🔮 शुभ हिंदू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक संवत : 1945 (शोभकृत संवत्सर)
☸️ काली संवत 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ अयन – उत्तरायण
☀ ️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – बुधवार पौष माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि रात्रि 08:11 बजे से अंत तक
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्दशी तिथि के देवता शंकर हैं। इस तिथि में भगवान शंकर की पूजा करने से मनुष्य को सभी ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 07:40 अपराह्न तक पूर्वाषाढ़ा के बाद
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है तो वहीं राशि स्वामी गुरु है।
🔕 योग – ध्रुव योग 09:17 PM तक, उसके बाद व्यघात योग
प्रथम करण : विष्टि – 09:22 ए एम तक
द्वितीय करण : शकुनि – 08:10 पी एम तक चतुष्पाद – 06:51 ए एम, जनवरी 11 तक
🔥 गुलिक काल :- रविवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक।
⚜️दिशाशूल – रविवार को उत्तर दिशा में शूल होता है। इस दिन कार्य में सफलता के लिए घर से सूखा/हरा धनिया या तिल खाया।
🤖राशुकाल :- रविवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞सूर्योदयः- प्रातः 06:44:00
🌅सूर्यः- सायं 05:16:00
👸🏻 ब्रह्म उत्सव : 05:27 प्रातः 06:21 प्रातः
🌆 प्रातः संध्या : 05:54 प्रातः 07:15 प्रातः
🌟 अभिजित उत्सव : कोई नहीं
✡️ विजय उत्सव : 02:13 अपराह्न से 02:55 अपराह्न
🐃 गोधूलि उत्सव : 05:39 अपराह्न से 06:06 अपराह्न
🌃 सायह्नध्या : 05:42 अपराह्न से 07:03 अपराह्न
💧अमृत ​​काल : 01:40 अपराह्न से 03:10 अपराह्न
🗣️ निशिता पुजारी : 12:01 अपराह्न, 11 जनवरी से 12:56 पूर्वाह्न, 11 जनवरी
🚓 यात्रा शकुन-हरे फल खींच या दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽आज का मंत्र- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुके को हरा कंम्बल करें।
🪵वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्योहार – मूल समाप्ति/भद्रा/जन्मदिन आरंभ रात्रि 08.11, नाटककार गिरिजाकुमार भारतीय मथुरा स्मृति दिवस, प्रसिद्ध अभिनेत्री नादिया पुण्य तिथि, भारतीय पृष्ठभूमि गायक के। जे. येसुदास जन्म दिवस, लेखक पी. लक्ष्मीकान्तम जन्म दिवस, विश्व हिंदी दिवस, तक्षंद संधि दिवस, नेशनल बिटरस्विट चॉकलेट डे, एयर डिफेंस आर्टिलरी डे, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिवस (10 दिव्यांश)
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को पूरा दिन होता है। चतुर्दशी तिथि को एक तिथि मानी जाती है। इतनी ही चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी नहीं माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से अंकित है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता शिवजी हैं।
🗼 वास्तु टिप्स 🗽
घर की उत्तर दिशा में तोते की तस्वीर लगाना शुभ होता है। इससे पढ़ाई करने वाले बच्चों का ध्यान केंद्रित होता है। पानी की मंज़िल की छत पर पश्चिम दिशा की ओर जाना चाहिए। वास्तु के वास्तुशिल्प से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है।
वास्तु के अनुसार घर के मुखिया को भगवान शिव और चंद्र देव के मंत्रों का हर रोज जप करना चाहिए। इससे घर में सुख और शांति का वास रहता है। नियमित शिवजी के मंत्रों का जाप करने से घर में बरकत आती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का दक्षिण-पश्चिम भाग यदि ऊंचा हो तो यह बहुत शुभ माना जाता है। ऐसे घर में हमेशा खुशहाली रहती है और घर के सदस्य बहुत श्रमिक होते हैं। मकान के दक्षिण पश्चिम भाग में रॉक हो तो इससे भी बहुत लाभ होता है।
घर में पूर्व दिशा की दिशा में सूर्य यंत्र की स्थापना। पूर्वमुखी घर में मुख्य रूप से ऊपर की ओर सूर्य का चित्र या प्रतिमा कक्ष होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे नौकरी बिजनेस और बहुत खूबसूरत स्थिति होती है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजी ⚜️
ज़ुबान खाँसी के लिए- आपको शायद पता न हो कि लहसुन आपकी पुरानी से पुरानी खांसी को जड़ से ख़त्म कर देता है। रोज़ाना लहसुन की 2-3 कलियाँ, पकी हुई या लहसुन की चाय (अध्ययन और अदरक के साथ) पीने से न केवल बंद नाक और दाँत ठीक हो जाते हैं बल्कि यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्राप्त करता है जो इस प्रकार के फायदे हैं सेन में सहायक उपकरण है। लहसुन का उपयोग मसाला बनाने में भी किया जाता है क्योंकि यह संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है। संक्रमण से बचने के लिए यह एक सस्ता इलाज है। जो लोग अक्सर ऐसे वातावरण में रहते हैं जहां संक्रमण और बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा होता है उनके लिए लहसुन एक बहुत अच्छा विकल्प होता है। लहसुन को मुरब्बे, ब्रोको और आम में भी डाला जाता है जो साइनसिसिस, ठंड और फ्लू से लड़ने में काम आता है।
दिल की चुनौती के लिए- अगर आप लहसुन रोजाना खाते हैं (कच्चा या खाने के साथ) तो यह आपके लेवल लेवल को बना रहता है क्योंकि इसमें एलिसिन होता है जो एक बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट (Anti-Oxidant Food in Hindi) होता है। इसके अलावा यह आपके ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को भी सही रखता है। इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि जब लहसुन को बहुत अधिक मात्रा में खाया जाए तो उसमें से लहसुन युक्त एलिसिन निकल जाता है, इसलिए इसके सेवन के लिए लहसुन का सेवन कच्चे रूप में या थोड़ा कम पका कर ही करना चाहिए।
☕आरोग्य संजीवनी 🍶
महिलाओं में ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम कारक
परिवर्तन महिलाओं के जीवन में परिवर्तन, जैसे कि एन्ट्रेलमेंट, स्ट्रोक और मेनोपॉज, स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाया जा सकता है। एस्ट्रोजेन का स्तर घटने से रक्त वाहिकाओं में इन्फेक्शन हो सकता है और खून के थक्के जमने का असर बढ़ सकता है।
उच्च रक्तचाप के दौरान, प्रीक्लेम्पसिया और जेस्टेशनल सर्जरी के दौरान कॉम्प्लीक्लिन के खतरे को बढ़ाया जा सकता है। प्रसव के दौरान भी खून के थक्के जमने का खतरा अधिक होता है।
डायनासोर से पता चला है कि अल्ट्रासाउंड से पीड़ित मित्र को स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। खासतौर पर जब डायनासोर के साथ आहा (दृष्टि में बदलाव) भी शामिल हो।
ऑटोइम्यून रोग कुछ ऑटोइम्यून रोग, जैसे सिरदर्द, ल्यूपस और रूमेटाइड गठिया, रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
घरेलू हिंसा से दुर्भाग्य से, घरेलू अत्याचारी भी तूफ़ान में स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। शारीरिक विकारों के कारण सिर और गर्दन में चोट लग सकती है, जिससे रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 📚
किसी पर बुरी आत्मा का साया हो तो क्या करें?
बुरी आत्माओं का भी अस्तित्व है लेकिन वह भी बिना वजह किसी पर हमला नहीं कर सकते। उनके भी कुछ नियम होते हैं। सृष्टि में एक ऐसी व्यवस्था है कि हर चीज के पीछे कुछ न कुछ सामग्री जरूर होती है।
मलिन आचार, मलिन विचार, मलिन व्यवहार, कुत्सित बुद्धि, अस्वच्छता रखने वालों को अधिकतर ऐसे ही नीरसता का सामना करना पड़ता है।
पुराना खाना, जैसे की मास, मछली और भी कुछ खाते हैं लोग। ज्यादातर ऐसे लोगों को ऐसी नीरसता का सामना करना पड़ता है।
सेक्स, अस्वच्छ रहने वाले, स्त्री-पुरुष संबंध के संबंध बनाने वाले, ऐसे ही बाहर इधर-उधर घूमने वाले, कबाड़ी, पूर्णिमा, वडोदरा न देखने वाले कामी क्रोधी इंसानों पर बुरे लोगों का हमला होता है।
इंसान के अंदर की जगहों से बुरी आत्माएं आकर्षित होती हैं।
अति कामवासना, विकारी बुद्धि, उसी में डूबे वाले, ऊपर से इंसान और अंदर हैवान जैसे अव्यवस्थित लोगों पर बुरे लोगों का हमला होता है।
सर्व स्वतंत्रता स्वतंत्रता को अपनाएं। दिन में कम से कम दो बार नहाएं। आरती पूजा करने की आदत। अफ़सोस का सम्मान करें। घर में हो सके तो घर बनायें। सात्विक आहार विहार स्थान। रुद्राक्ष मंदिर। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ करें।
गुरु पूजा से सर्वमंगल होता है। मनुष्य जीवन का मिलन है तो अतिपिछड़े का त्याग करें। और किसी अच्छे और शिष्य सद्गुरु को धारण करें। गुरुभक्ति से, गुरुकृपा से सब ठीक हो जाता है।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का अधिक से अधिक पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना सीखें। कठोरता हो तो वास्तविक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा भगवान शिव के रुद्राभिषेक की अनुमति दी जाती है। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया तो इससे मारकेश की दशा भी शुभ फलदायिनी बनती है। जातक के जीवन में सभी बाधाएं निवृत्त हो जाती हैं और जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति संभव ही हो जाती है।

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