कृषि

बीज में मिलावट से धान की फसल हुई खराब, किसानों ने मांगा मुआवज़ा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने भेजी जांच टीम
सिलवानी। तहसील क्षेत्र के ग्राम देवरी मढ़िया और आसपास के गांवों में किसानों की मेहनत इस बार बेकार चली गई। किसानों का आरोप है कि वायर कंपनी की हाइब्रिड धान किस्म 8433 (क्रांति) का बीज खराब निकला, जिससे फसल लगभग 75 प्रतिशत तक प्रभावित हो गई। इस कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार यह बीज उन्होंने महेश्वरी ट्रेडर्स, सिलवानी और एचके कृषि सेवा केंद्र बम्होरी रोड सिलवानी से खरीदा था। किसानों का कहना है कि कंपनी द्वारा दिए गए बीज में मिलावट की गई थी, जिसके चलते पौधों की वृद्धि रुक गई और उनमें वाझपन रोग जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। नतीजतन पूरे गांव के लगभग 150 एकड़ रकबे की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि शिकायत के बाद कंपनी के अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण किया था और मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब कंपनी की टीम ने हार्वेस्टिंग के दौरान मुआवज़ा देने से इंकार कर दिया, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया है।
नाराज़ किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की थी कि उन्हें उचित मुआवज़ा दिलाया जाए और बीज की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

शिकायत के बाद कृषि मंत्री के निर्देश पर दिल्ली से आई जांच टीम सोमवार को ग्राम देवरी मढ़िया पहुंची। टीम के सदस्यों ने किसानों के खेतों में जाकर फसल की स्थिति का निरीक्षण किया और नुकसान का आंकलन किया। हालांकि मीडिया के सवालों पर जांच दल के अधिकारी टालमटोल करते नजर आए।

जैसे ही जांच दल गांव पहुंचा देवरी मढ़िया सहित सिलवानी क्षेत्र के दर्जनों किसान मौके पर इकट्ठा हो गए। किसानों ने बताया कि उन्होंने वायर कंपनी का 8433 बीज लगाया था, जिसकी कीमत 440 रुपए प्रति किलो थी और यह 3 किलो की पैकिंग में मिलता है। एक एकड़ में लगभग 4 किलो बीज लगाया गया था, जो एचके कृषि सेवा केंद्र बरेली रोड सिलवानी से खरीदा गया था।

अब किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि उन्हें उनका नुकसान भरपाई के रूप में वापस मिले।

किसान अरविंद रघुवंशी ग्राम मढ़िया देवरी ने बताया मेरे द्वारा महेश्वरी ट्रेडर्स उदयपुरा से वायर कंपनी का 8433 बीज लिया गया था। इसे 17 एकड़ में लगाया था लेकिन पूरा बीज बेकार निकला जिससे भारी नुकसान हुआ है।

किसान महेंद्र यादव ग्राम सिंगपुरी ने कहा मैंने एचके कृषि सेवा केंद्र से 40 किलो 8433 धान का बीज लिया था जिसे 10 एकड़ में लगाया गया। पूरा खेत बेकार हो गया है।

क्षेत्र के अन्य किसान भी अब कंपनी के खिलाफ सामूहिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार कई लोगों ने बासमती की जगह वायर कंपनी का मोटा धान 8433 बोया था, और अगर यह बीज नकली साबित हुआ तो पूरे इलाके के किसानों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।

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