धार्मिक

13 जुलाई 2023 : को सावन की पहली एकादशी, जानिए कामिका एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
●★᭄ 🌹🕯️श्री हरि 🌹★᭄●
🚩 13 जुलाई 2023 : को सावन की पहली एकादशी, जानिए कामिका एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
👉🏽 इस साल कामिका एकादशी का व्रत 13 जुलाई 2023 को रखा जाएगा। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। एकादशी का व्रत रखने से जातक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। कुछ पुराणों के अनुसार, कामदा एकादशी को उपवास करने से श्रेष्ठ संतान की प्राप्ति होती है। प्रत्येक महीने में दो एकादशियां होती हैं, एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष में आती है। प्रत्येक एकादशी में भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखने और उनकी पूजा करने का विधान है। एकादशी का व्रत रखने से श्री हरि अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
❄️ कामिका एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त और तिथि
श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ- शाम 5 बजकर 59 मिनट से (12 जुलाई 2023)
श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त- शाम 5 बजकर 59 मिनट पर (13 जुलाई 2023)
कामिका एकादशी व्रत तिथि- (13 जुलाई 2023)
💧 कामिका एकादशी व्रत पारण का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, कामिका एकादशी व्रत का पारण 14 जुलाई 2023 को सुबह 05 बजकर 33 मिनट से 08 बजकर 18 मिनट तक
💁🏻‍♀️ कामिका एकादशी व्रत महत्व
मान्यताओं के मुताबिक, कामिका एकादशी का व्रत रखने से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। कामिका एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इसके अलावा कामिका एकादशी के दिन पूजा-पाठ करने से पितर प्रसन्न होते हैं। घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है। एकादशी के दिन स्नान-दान का खास महत्व है तो कामिका एकादशी के दिन गरीब और जरूरतमंदों को धन, वस्त्र या अन्न का दान जरूर करें। कामिका एकादशी के दिन भगवान नारायण के माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए। वहीं विष्णु जी की पूजा में तुलसी के पत्ते शामिल करना बिल्कुल न भूलें वरना आपकी पूजा अधूरी मानी जाएगी।
⚛️ कामिका एकादशी 2023 पूजा विधि
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद विष्णु जी का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा घर में एक लकड़ी की चौकी में साफ पीला रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके बाद इसमें श्रीयंत्र के साथ भगवान विष्णु मूर्ति या तस्वीर रखें। इसके बाद भगवान विष्णु को जलाभिषेक, दुधाभिषेक करें। फिर पीले रंग के वस्त्र के साथ माला आदि पहनाएं। फिर पीला या हरि चंदन लगाएं। फिर फूल, माला, पंचामृत, पंच मेवा, फल और घर की बनी मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद जल चढ़ा दें। इसके बाद घी का दीपक और धूप जलाकर एकादशी व्रत कथा, श्री विष्णु चालीसा और मंत्रों का जाप कर लें। इसके बाद विधिवत आरती करके भूल चूक के लिए माफी मांग लें। दिनभर व्रत रखें और दूसरे दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण कर दें।
💮 कामिका एकादशी पर करें तुलसी पूजा
एकादशी के दिन तुलसी में जल चढ़ाने की मनाही होती है। इसलिए गन्ने का रस या फिर दूध चढ़ाएं। इसके साथ ही विधिवत पूजा करें। शाम के समय घी का दीपक जरूर जलाएं।
🍱 कामिका एकादशी आहार के नियम
एकादशी के पारण से पहले आपको ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और उसके बाद खुद भोजन करना चाहिए. पारण के वक्त एकदम सात्विक भोजन करें. इस भोजन में लहसुन, प्याज या फिर मांस-मच्छी को शामिल नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही ये भोजन शुद्ध घी में पका होना चाहिए. पारण के भोजन में सरसों तेल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
एकादशी व्रत के दिन अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए. आप फलाहार कर सकते हैं. फल के अलावा दूध, दही और अन्य फलाहार जैसे साबूदाना, सिंघाड़े का आटा आदि से अपने लिए फलाहार तैयार कर सकते हैं.
🤷🏻‍♀️ कामिका एकादशी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित कामिका एकादशी व्रत रखने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं. साथ ही एकादशी व्रत के दिन विधिवत पूजा-पाठ करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस विशेष दिन पर दान-धर्म का भी विशेष महत्व है. इसलिए इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, धन या वस्त्र का दान करने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके विशेष दिन पर तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी का स्पर्श भूलकर भी ना करें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

Related Articles

Back to top button