रसल वाइपर स्नेक का किया रेस्क्यू, छोड़ा सुरक्षित स्थान पर

ब्यूरो चीफ: मनीष श्रीवास
कटनी। कटनी जिले की सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्र एवं जंगल की वन जीव जंतुओं का बारिश होने पर घरों और अन्य स्थानों पर आ कर बैठ जाते हैं जिससे इन जहरीले सर्प को देख कर अच्छे अच्छे लोगों को भय रहता हैं। ऐसा ही मामला रविवार को दोपहर 3 बजे के दौरान कटनी ग्राम लमतरा में बनी पुट्टी फैक्ट्री मालिक से सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होनें बताया कि एक विशालकाय सर्प देखा है। जो बहुत मोटा और फुसकर्ता अधिक है। इस सूचना पर तत्काल पशु प्रेमी अमिता श्रीवास ने उस स्थान पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद निधि ठाकुर आशीष ठाकुर एवं पशु प्रेमी मोहित पाठक की मदद से सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसे पशु प्रेमी शिवम बाजपेई के द्वारा मदद से सर्प को सुरक्षित जंगल पर छोड़ा गया।
सर्प की प्रजाति – सर्प का नाम रसल वाइपर था यह भारत देश के 3 सबसे जहरीले सांपों में से एक है । यह अपने को खतरा महसूस करते ही शीटी की तरह आवाज करता है वही गहरे पीले रंग के होने से काले कलर के लम्बे गोले होते है जो दिखने में लगभग अजगर की भांति ही दिखाई देता है। परंतु यह अजगर नहीं है। अधिकतर लोग इस जानकारी के अभाव से अजगर समझ कर इसे पकड़ने की कोशिश भी करते हैं । जिसके चलते वे इसके शिकार हो जाते हैं। इसमें हेमटोक्सीन वेनम का (जहर) होता है जो सीधे रक्त और हृदय प्रणाली को क्षति पहुंचता है । यह लगभग 3 फीट दूर तक खुद सरकता है।
स्थानीय लोगों से निवेदन है कि इस तरह के जहरीले जीव जंतु अगर किसी को दिखाई दे तो उन्हें मारे नहीं बल्कि हमसे संपर्क करें और हमारी कॉपी करने की कोशिश बिल्कुल भी ना करें ये घातक हो सकता है।
पशु प्रेमी सेन समाज विकास संगठन युवा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, गौ रक्षा कमांडो फोर्स जिला अध्यक्ष अमिता श्रीवास ।



