मध्य प्रदेश

जिला प्रशासन की मेला व्यवस्था में हुई चूक, सरपंचों ने मिलकर किया मेला में सहयोग

रिपोर्टर : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जिले के तहसील सिहोरा अन्तर्गत कुम्ही सतधारा में जिले स्तर के सतधारा मेला में 14 जनवरी से शुरुआत हो गई थी । क्षेत्रीय विधायक नंदनी मरावी, जिला कलेक्टर, एसडीएम सिहोरा व बड़े अधिकारियों के द्वारा मेला व्यवस्था कि कोई ठोस जांच एवं निरीक्षण नहीं किया गया। और मेला की सुरुआत कर दी गई । जिसका मुख्य कारण पीएचई विभाग के बड़े अधिकारियों की तानाशाही के चलते सामने आया । इतना ही नहीं पीएचई विभाग के द्वारा अब तक मेला व्यवस्था के दौरान पानी की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस बात की जानकारी जेसे ही जनपद अध्यक्ष को बता चली उन्होने बहादुरी दिखाते हुए जनपद अध्यक्ष सिहोरा रश्मि अग्निहोत्री के निर्देशानुसार जनपद सीईओ सिहोरा आशा देवी पटले ने ग्राम पंचायत कुम्ही में मेला स्थान पहुच कर आनन-फानन ग्राम पंचायत सरपंचों के सहयोग से करीब 12 टैंकरों में पानी की उचित व्यवस्था कराई । पर कुछ समय के लिए ये वयवस्था तो की जा सकती है । लेकिन ज्यादा समय के लिए ग्राम पंचायत के पानी टैंकरों को मेला परिसर में नहीं रोका जा सकता क्योंकि मेले के आसपास ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर में मेहमानों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। तब पानी की पूर्ति करने के लिए पंचायत इन टैंकरों का प्रत्येक घरों के पानी पूर्ति के लिए भरपूर उपयोग करती है। क्षेत्रीय सरपंचों का कहना है की ऐतिहासिक मेला में प्रतिदिन लाखों लोग हिरन मां के दर्शन और भगवान की पूजा कर मेला भ्रमण करने का आनंद के साथ उठाते हैं। पूर्व में लोकल बोर्ड के द्वारा मेला व्यवस्था की जा रही है । वर्तमान में जिला प्रशासन के द्वारा मेला की व्यवस्था व देखरेख किया जाता है। परन्तु शासन-प्रशासन मेले को लेकर पूरी तैयारी नहीं किया है। प्रसाशन हाथ पर हाथ धरे बैठे तमाशा देख रहा है। जबकी पानी व्यवस्था की जिम्मेदारी इन शासन-प्रशासन की है जो अपने कार्य निर्वाहन से स्पष्ट दूर भागती नजर आ रही है। इसीलिए क्षेत्रवासियों ने क्षेत्रीय विधायक नंदनी मरावी, जिला कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन, और अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा आशीष पान्डे को तुरंत जांच करने और पीएचई विभाग पर कार्यवाही कर मेले में पानी उचित व्यवस्था की मांग रखी गई है।

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