राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर भीषण गड्ढे होने के कारण वाहन हिचकोले लेकर चल रहे हैं
गडढ़े बचाने के चक्कर में हो रहे है एक्सीडेंट
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जाने वाला भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 44 इन दिनों मोदी सरकार की निष्क्रियता के चलते पहली बार गड्ढो में सड़क देखी जा रही है जो इन दिनों जन चर्चा का विषय बनकर रह गई है, राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारो की संख्या में वाहन जिनमे भार वाहन यात्री वाहन और अन्य प्रकार के वाहन आवाजाही करते हैं दुर्भाग्य बस इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पहली बार लोगों ने इस प्रकार की दुर्दशा का मंजर देखा है जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की और केंद्र सरकार की निष्क्रियता असफलता लापरवाही मनमानी को दर्शाता है इन दिनो सड़क पर बने गड्ढे इतनी खतरनाक स्वरूप में पहुंच गए हैं कि वाहनों को इन गढ्डो से बचाना मुश्किल हो गया है वाहन सडक पर गड्ढे बचाने के चक्कर मे सर्पाकार दौडाने पड रहे है गम्भीर चिंता का विषय तो यह की वाहन गडढ़े को बचाते समय वह दुर्घटना के शिकार हो रहे है वाहन इन गड्ढो मे हिचकोले लेकर चलते हैं जिससे यात्रियो को तो परेशानी हो रही है वाहनों की टूट-फूट और टायर फटने कमानी टूटने घुल्ला टूटने आदि के दुखद समाचार मिल रहे हैं समझ में नहीं आता कि केंद्र सरकार इस समय रोड के मामले में कुंभकर्णी निद्रा में कैसे सो रही है जबकि यह मार्ग अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय मार्ग होने के कारण इस पर देसी विदेशी लोग बडी संख्या मे रोज आवागमन करते हैं उन्हें इस प्रकार की दुर्दशा देखकर सभी को तरस आ रहा है कि भारत जैसे विकासशील देश में जहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के होते हुए और रोड की सुरक्षा व्यवस्था रखरखाव हेतु तमाम जगह सडक पर बडे बडे बेरियल टोल प्लाजा बनाकर लगाये हुए हैं फिर इस प्रकार की गड्ढो वाली सड़क उपभोक्ताओं को क्यों दी जा रही है मनमाना टैक्स वसूलने के बाद भी स्थिति यह कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण सड़क नसीब नहीं हो रही है इतना महत्व पूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग सालो से उपेक्षित क्यों है यह समझ से परे है।



