किस हादसे के इंतजार में बैठा पीडब्ल्यूडी विभाग
उमरियापान-टोला रोड सड़क किनारे बनी है खाई, कुंभकर्णी निद्रा में सो रहा विभाग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। समाचार का शीर्षक पढ़कर चौकिये मत। हम बात कर रहे है उमरियापान से टोला होते हुये खलरी, मोहला रोड की जहां पर टोला ग्राम के पहले एक सड़क किनारे खाईनुमा गड्ढा बना हुआ है और उपरोक्त गड्ढा पिछले एक वर्ष से ज्यादा से बना हुआ है लेकिन विभाग कुंभकर्णी निद्रा में लीन है।
स्मरण रहे कि जिस तरह से उक्त खाईनुमा गड्ढा सड़क किनारे बना हुआ है इससे किसी भी दिन बड़ी घटना कारित हो सकती है क्योंकि ठीक सड़क के किनारे से नदी निकली हुई है और वर्तमान समय में बरगी नहर से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है जिस कारण से नदी में अत्याधिक पानी है और ऐसी स्थिति में यदि कभी किसी तरह की अप्रिय घटना कारित होती है तो इसकी जवाबदारी कौन लेगा ? क्या विभाग को यह नहीं दिखता है या फिर जिम्मेदार जानबूझकर मूकदर्शन बनकर बैठे है और किसी घटना का इंतजार कर रहे है। जबकि पीडब्ल्यूडी विभाग में एक इमरजेंसी फंड भी होता है जिसका इस्तेमाल करके उक्त क्षतिग्रस्त रोड को ठीक किया जा सकता है लेकिन वह क्या परिस्थतियां है जिस कारण से निर्माण नहीं किया जा रहा है यह समझ से परे है।
विभाग के कर्मचारी उपाध्याय जो झंडा चौक में पूरे दिन बैठकर डयूटी कर रहे है लेकिन हकीकत में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली रोड़ों की क्या स्थिति है यह किसी से छुपी नहीं है और तो और इनके द्वारा सड़क में मजदूरों के द्वारा क्या काम किया जा रहा है इसका भी मुआयना नहीं किया जाता है, सब भगवान भरोसे चल रहा है।
करना था डामलीकरण, डाल रहे माटी
जिम्मेदारों के कारनामें यही तक सीमित नहीं है बल्कि पचपेढ़ी में मैन रोड पर भारी भरकम गड्ढें हो गये है जिस कारण से वहां पर डामलीकरण करवाना था लेकिन उपरोक्त गड्ढों में सड़क किनारे की माटी डालवाई जा रही है। यहां पर यह उल्लेख करना आवश्यक है कि जब भी कोई रोड खराब होती है तो वहां पर माटी नहीं डाली जाती है या तो डालमीकरण किया जायेगा या सीमेंट-रेता का लेप बनाकर लगाया जाता है लेकिन पचपेढ़ी में जो गड्ढें माटी से भरे जा रहे है वह किस प्रावधान के तहत किये जा रहे है यह समझ से परे है।
इस संबंध में हरिसिंह, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, कटनी का कहना है कि आपके माध्यम से उक्त क्षतिग्रस्त सड़क की जानकारी प्राप्त हुई है। एक-दो दिन के अंदर मैं स्वयं मौका मुआयना करता है। शीघ्र ही सड़क को ठीक किया जायेगा।




