मध्य प्रदेश

ढीमरखेड़ा जनपद में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, सहायक यंत्री की भूमिका की जांच की मांग

पंचायत भवन, सीसी रोड और सामुदायिक भवनों के निर्माण में अनियमितताओं के आरोप; शिकायतों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं ।  सहायक यंत्री अजय केसरवानी की पदस्थापना के बाद से पंचायत क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने की बात कही जा रही है ।  पंचायत भवन, सीसी रोड, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है ।
आरोप है कि ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के दौरान निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता संबंधी नियमों का उचित पालन नहीं किया जा रहा है ।  वहीं, पंचायतों के पंचों द्वारा विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत किए जाने पर जांच कमेटी में संबंधित सहायक यंत्री को ही शामिल किए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है ।
*निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी के आरोप, जांच की मांग*
पंचायत क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों को लेकर कमीशन तय किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं ।  इन आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजी साक्ष्य और निष्पक्ष जांच जरूरी है ।  मांग की जा रही है कि पंचायत भवन, सीसी रोड और सामुदायिक भवनों सहित सभी प्रमुख निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए तथा निर्माण सामग्री, कार्य की गुणवत्ता, स्वीकृत राशि और वास्तविक व्यय का मिलान किया जाए ।
*मुख्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल*
सहायक यंत्री के मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने और उनके आने-जाने का समय निर्धारित नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं ।  इस संबंध में उनकी उपस्थिति और क्षेत्रीय निरीक्षण के रिकॉर्ड की जांच किए जाने की मांग की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्यों की निगरानी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार की जा रही है या नहीं ।
*निष्पक्ष जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति*
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी स्वीकृति, मूल्यांकन और भुगतान संबंधी अभिलेखों की स्वतंत्र जांच कराए जाने की जरूरत है । साथ ही, शिकायतों की जांच ऐसी टीम से कराने की मांग की जा रही है, जिसमें संबंधित कार्यों से जुड़े अधिकारियों के हितों का टकराव न हो ।

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