क्राइम

कार से सात पेटी देशी शराब जब्त मामला, कार्यवाही कब ?

दो आरोपी हिरासत में, ठोस कार्यवाही का इंतजार
आरोपियों ने बताया सियरमऊ की दुकान से लाए शराब; ग्रामीण पहले भी जता चुके हैं विरोध, कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

सिलवानी। क्षेत्र में शराब के परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए सिलवानी पुलिस ने गुरुवार देर रात सागर- सिलवानी राजमार्ग 15 स्थित टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए एक अल्टो कार से देशी शराब की सात पेटियां जब्त की थी। पुलिस ने कार में सवार लखन आदिवासी और रविंद्र यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक अल्टो कार में शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सागर-सिलवानी मार्ग पर टोल प्लाजा के पास घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट और डिक्की से देशी शराब की सात पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने शराब जब्त कर दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया और डायल-112 वाहन की मदद से कार सहित थाने पहुंचाया।
पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे शराब सियरमऊ स्थित दुकान से लेकर आ रहे थे। हालांकि, शराब के परिवहन से संबंधित परिस्थितियों और मामले के अन्य पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है। जांच कब होगी ? यह बड़ा सवाल है ?
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देशन, एसडीओपी आशुतोष त्यागी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी संजीत परते के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक खरे, सहायक उप निरीक्षक हरिओम चौबे की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों से शराब के स्रोत, परिवहन के उद्देश्य और गंतव्य के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सियरमऊ में शराब दुकान को लेकर पहले भी हो चुका है विरोध
एक ओर पुलिस द्वारा शराब के परिवहन पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्राम सियरमऊ में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों की पुरानी नाराजगी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में शराब की दुकान के संचालन और उसके स्थान को लेकर पहले भी पुलिस एवं प्रशासन के समक्ष शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले ग्राम सियरमऊ की छात्राओं ने शराब दुकान के स्थान को लेकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। छात्राओं ने दुकान के स्थान को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान शराब दुकान को लेकर अपनी मांगें उठाते हुए प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया था।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान को लेकर बार-बार शिकायतें और विरोध प्रदर्शन किए जाने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जब गांव की छात्राओं और ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने तथा सड़क पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों की शिकायतों के मद्देनजर यह भी सवाल उठ रहा है कि सियरमऊ स्थित शराब दुकान के संचालन, उसके स्थान और वहां से शराब के परिवहन से संबंधित पहलुओं की जांच संबंधित विभागों द्वारा किस स्तर पर की गई है। हालांकि, इन मामलों में संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
पुलिस की कार्रवाई के साथ प्रशासनिक जांच भी जरूरी
सिलवानी पुलिस की ताजा कार्रवाई में सात पेटी देशी शराब की जब्ती और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया जाना अवैध शराब के परिवहन पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, इस घटना के बाद सियरमऊ स्थित शराब दुकान से जुड़े ग्रामीणों के पुराने विरोध का मुद्दा भी फिर सामने आया है।

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