रायसेन जिले का रोज़नामचा : पत्रकारिता का द्वंद्व: सच, राजनीति और समाज के बीच

पशु चिकित्सालय में शुक्लपक्ष में काले कारनामे होते देखे…
हरीश मिश्र, लेखक (स्वतंत्र पत्रकार), स्वरदूत क्रमांक -९५८४८१५७८१
रोजनामचा एक ऐसी लेखा बही है। जिसमें मृगांचल एक्सप्रेस दिन-प्रतिदिन के सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक घटनाक्रम को क्रमवार अभिलेखन किया है। आज से प्रत्येक सोमवार पढ़ें । अपनी प्रतिक्रिया एवं सुझाव दें।
मंत्री, विधायक, नेता की अभिलाषा होती है कि पत्रकार वो दिखाएं जो उन्हें मनभावन लगे
…अधिकारी ख्वाहिश रखते हैं, हरी खबरें दिखाएं, काला चिठ्ठा ना खोले.. और पाठक उम्मीद करते हैं, पत्रकार सच दिखाएं ! सच बोलें !! सच लिखें !!!
कोई भी खबर, समाचार, लेख किसी के लिए सच तो किसी के लिए झूठ होती है। सबका अपना अपना नज़रिया होता है। जिस खबर में तथ्य हों, पढ़ने में आनंद आए, सकारात्मक होती है। जो खबर शब्द भेदी बाणों से घायल करे नकारात्मक होती है। हर खबर के दो पहलू होते हैं।
पिछले सप्ताह लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को पत्रकारों से संवाद करते और मोदी सरकार की उपलब्धियों गिनाते देखा। मंत्री जी के चेहरे पर मुस्कान देखी और भ्रष्टाचार के प्रश्नों पर असहज होते देखा ।
भाजपा कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सांसद शिवराज सिंह चौहान का मुख्य बैनर से छायाचित्र नदारद देखा। चौहान के नगर आगमन पर अभिनंदन और पूर्व मंत्री, विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी के जन्मदिन की तैयारियां करते कार्यकर्ताओं को देखा ।
सिलवानी के साईंखेड़ा की गौशाला का पशु आहार कांड का काला चिठ्ठा खुलते और सरपंच के खेत में जमीन के अंदर पशु आहार गड़ा देखा। एसडीएम को मौके पर जांच पड़ताल करते और सरपंच को सचिव पर, सचिव को सरपंच पर आरोप लगाते देखा। अनुविभागीय अधिकारी के जांच प्रतिवेदन आने से पहले पत्रकारों को एक दूसरे पर मानसिक असंतोष, गुबार निकालते देखा। खिरेंटी गांव में पशु आहार से भरी ट्रैक्टर ट्राली जब्त होते देखी। कुल मिलाकर पशु चिकित्सालय में शुक्लपक्ष में काले कारनामे होते देखे।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को एक्स एकाउंट पर अपनी पीड़ा लिखते देखा” शराब कम्पनी मुझ से बदला लेने के लिए, मुझ पर दबाव डालने के लिए कांग्रेस विधायकों से विधानसभा में मनगढ़ंत प्रश्न उठवा रही है।
विधि अनुसार कोई भी नागरिक, माननीय सांसदों, विधायकों के सदन में प्रश्न उठाने पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगा सकता। कानूनगो को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर माननीयों पर प्रश्न चिन्ह लगा कर, विधि विरुद्ध कृत्य करते देखा।
बारिश के दौरान सड़कों पर गौ माता के बैठने से होने वाले हादसे रुकवाने के लिए, गौ माता के संरक्षण के लिए, गौरक्षा जनजागृति समिति के सदस्यों को सड़क पर पत्रकार वार्ता करते ,चक्का जाम करते देखा। नगर पालिका द्वारा बृजमोहन रामकली गौ संरक्षण केंद्र हलाली में गाय छोड़ते और गौ शाला प्रबंधन द्वारा गाय गुम जाए तो गारंटी नहीं लिखते देखा। सवाल उन अधिकारियों से है कि लाखों रुपए का अनुदान लेने वाली गौ शालाएं सुरक्षा की गारंटी क्यों नहीं दे रहीं ?
कलेक्टर अरविंद दुबे को वृक्ष लगाते और पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल के हाथों में दंड देखा। संदेश साफ, प्रशासन पर्यावरण बचाएगा और पुलिस शांति व्यवस्था कायम करेगी।
नगरपालिका और पंचायत स्तर पर मां के नाम पेड़ लगाते और परिषद और पंचायत में लाखों का बिल लगते देखा। मुख्यमंत्री मोहन यादव को पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ बेतवा के उद्गम स्थल पर लगाते और उस कार्यक्रम का 12 लाख का देयक पत्रक जिला पंचायत में लगते देखा।
छींद धाम वाले मार्ग पर पेड़ों की अवैध कटाई और चिड़िया टोल पर तेंदुआ देखा। सांचेत में वन भूमि पर अतिक्रमण होते और बेगमगंज में वन भूमि को भू माफिया से मुक्त होते देखा। महादेव पानी झरने के पास जाने पर प्रतिबंध लगते देखा।
बच्चों के हाथों में चप्पल, कांधे पर बस्ता और स्कूलों में शिक्षकों को नदारद और नियम विरुद्ध शिक्षकों को कार्यालय में अटैच देखा।
सांची में बंटी लोधी को उधारी मांगना और पुलिस की शरण में जाना महंगा पड़ते देखा। पुलिस कार्यप्रणाली से आहत बंटी को आत्महत्या करते देखा।सुल्तानगंज में अवैध मुरम खदान में बच्चे की मौत देखी।
गौ माता के प्रति संवेदनहीनता पर सवाल
मैं रोज़नामचा लिख रहा था। तभी ब्रेकिंग न्यूज देखी,गोपालपुर पर एक ट्रक ने सड़क पर बैठी पांच गायों को कुचला। ख़बर सुनकर मन विचलित हो गया। घटना स्थल पर पहुंचा। सड़क पर गौ माता का लहू देखा, दिल दहल गया,आंखों में आंसू आ गए।
गुस्सा प्रशासन के खिलाफ नहीं,उन हिन्दू धर्म के ठेकेदारों के प्रति था जो गर्व से कहते हैं... गाय हमारी माता है ...हम हिंदू हैं... अरे कैसे हिंदू हो...पशुओं में भी जीवन है और पशुओं में गौमाता पूजनीय है। गाय को माता की संज्ञा देकर सड़क पर मरने छोड़ देते हैं और मां के नाम वृक्ष लगाने का ढोंग करते हैं। सड़क दुघर्टना में पांच गौ माता को ही नहीं बल्कि छठवें बछड़े को भी मरते देखा। उस बछड़े की आंखों में आंसू देखे हैं। उसने अपनी माँ को खोया है। माँ का खून सड़क पर देखकर लाचार खड़ा रहा।
गौरक्षा जनजागृति संरक्षण समिति के सदस्यों और प्रशासन की पुलिस के माध्यम से चर्चा होते देखी। एक जिम्मेदार नागरिक के नाते बीच में दखल दी। चर्चा में तय हुआ मंगलवार को समिति, प्रशासन और गौशाला प्रबंधक बैठकर समस्या का समाधान करेंगे।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को पत्रकारों से संवाद करते

कलेक्टर अरविंद दुबे को वृक्ष लगाते और पुलिस अधीक्षक विकास सहवाल के हाथों में दंड देखा। संदेश साफ, प्रशासन पर्यावरण बचाएगा और पुलिस शांति व्यवस्था कायम करेगी।

नगर पालिका द्वारा बृजमोहन रामकली गौ संरक्षण केंद्र हलाली में गौवंश को ले जाते देखा।



