रानी लक्ष्मीबाई जयंती सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सिलवानी में मनाई गई
सिलवानी। 19 नवंबर बुधवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सिलवानी में महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई गई । मां वीणा वादिनी के समक्ष विद्यालय के प्राचार्य मयंक लाहौरी माल्यअर्पण किया गया। विद्यालय की दीदी सुशीला सराठे द्वारा महान वीरांगना लक्ष्मीबाई के बारे में जानकारी दी।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक महान वीरांगना का जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था प्यार से सभी उनका मनु कहकर एवं छबीली कहकर पुकारते थे। रानी लक्ष्मी बाई को नारी शक्ति शौर्य और अदम्य साहस की प्रतीक बताते हुए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया जाता है। दीदी ने रानी लक्ष्मीबाई की वीरता देश प्रेम और अटूट संकल्प के बारे में बताया वह मात्र 23 वर्ष की उम्र में वीरगति को प्राप्त हो गई थी ऐसी महान वीरांगना जिससे ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिल गई थी उन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य परिवार एवं भैया बहन सम्मिलित हुए।



