प्रशासन की सूझबूझ से कटरिया में शांतिपूर्ण ढंग से हुआ रावण दहन

दोनों पक्षों से चर्चा कर अधिकारियों ने संभाली स्थिति, 30 फीट के रावण का हुआ दहन; पुलिस और प्रशासन की रही अहम भूमिका
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कटरिया में रावण दहन को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच पुलिस एवं प्रशासन की सूझबूझ से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ । प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से चर्चा कर आपसी समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद गांव में 30 फीट ऊंचे रावण का दहन कराया गया ।
जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी को ज्ञापन सौंपकर सामाजिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कटरिया में रावण दहन नहीं कराने का अनुरोध किया था । साथ ही कुछ लोगों पर धमकाने के आरोप भी लगाए गए थे । इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को भीम आर्मी की ओर से भी ज्ञापन सौंपा गया । इसमें आदिवासी परिवारों की सामाजिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने तथा धमकी देने के आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि गोयल एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी और तहसीलदार नितिन पटेल ने दोनों पक्षों से अलग-अलग चर्चा की। अधिकारियों ने स्थिति को समझते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पहल की ।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और सतर्कता के बीच ग्राम कटरिया में 30 फीट ऊंचे रावण का दहन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया । कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन ने सूझबूझ के साथ व्यवस्था संभाली ।
*प्रशासनिक समन्वय की रही अहम भूमिका*
पूरे घटनाक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी और तहसीलदार नितिन पटेल की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण रही । दोनों पक्षों से संवाद स्थापित कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयासों के चलते रावण दहन का कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ ।



