सिलवानी की सड़कों का बदला रूप: दिन में अतिक्रमण से जूझता नगर, रात में बनती ‘सिटी’ जैसी तस्वीर

सिलवानी। ये कोई ‘सिटी’ नहीं, बल्कि सिलवानी नगर है दिन में अराजकता और रात में चमक-धमक से भरा हुआ। दिन के समय नगर की सड़कों पर अतिक्रमण का ऐसा आलम रहता है कि राहगीरों के लिए पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों द्वारा फुटपाथ तक घेर लिए जाने और दुकानदारों द्वारा सड़कों पर समान और हाथ ठेले के अनियंत्रित जमावड़े के कारण मुख्य सड़कें संकरी गलियों का रूप ले लेती हैं।
नागरिकों का कहना है कि दिन में बाजार और मुख्य चौराहे ऐसे जाम से भर जाते हैं कि मोटर साइकिल और साइकिल भी मुश्किल से निकलते हैं। नगर पंचायत की ओर से कभी-कभार अभियान जरूर चलाया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नजर नहीं आता, हालांकि, हैरानी की बात यह है कि जैसे ही शाम ढलती है और स्ट्रीट लाइट्स जल उठती हैं, पूरा नगर एक अलग ही रूप में नजर आता है। दूधिया रोशनी से नहाई हुई सड़कें, साफ-सुथरी और सजी-संवरी दिखाई देती हैं मानो जैसे कोई ‘स्मार्ट सिटी’ का हिस्सा हों।



