मध्य प्रदेश

अवैध शराब को लेकर ग्रामीण महिलाओं ने खोला मोर्चा, सामुहिक रुप से गांव में घूमकर पकड़ी शराब

आबकारी विभाग को कौमा से उठाने की कोशिश
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति भले ही शराब से सुधर रही हो लेकिन यह वैध अवैध शराब का कारोबार पूरे मध्यप्रदेश में कोहराम मचा रहा हैं जिसमें रायसेन जिला सबसे ज्यादा धूम मचा रहा हैं ।
पान के टप किराना दुकान हाइवे किनारे के ढावों से लेकर गांव गांव में खुलेआम देशी विदेशी शराब विकने से इसमें नौनिहाल बच्चें भी चपेट में आने से मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहने बच्चों के भविष्य लेकर घन चक्कर बनकर रह गई।
तीन जिलों की सीमा ने शराब माफियाओं का आतंक।
नरसिंहपुर,सागर,और रायसेन जिले की सीमाओं पर सटे इलाकों में शराब ठेकेदार द्वारा बिक्री को बढ़ाने के लिए नकली सस्ती शराब को हर कुछ भाव में बिकवा रहे हैं । जिससे त्रस्त होकर सिलवानी, कटक, जामनझिरी की महिलाओं ने सामुहिक रूप से थाने तहसील के बाद कलेक्टर साहब को आवेदन निवेदन किया लेकिन सरकारी कारिंदे भी शराब माफियाओं के संरक्षण में होने से कोई कार्यवाही नहीं हुई। लिहाजा महिलाओं ने लोक लाज छोड़कर सामुहिक रूप से इक्कठा होकर गांव में बिकने वाली शराब को खुद ही पकड़कर सूखी नदी में पुल से शराब की बोतलें फैंका।
आबकारी विभाग व प्रशासनिक अमला मूक दर्शक क्यों ।
रायसेन जिले में आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्यवाही में सबसे ज्यादा उन्हीं शराब माफियाओं को निशाना बनाता जो दूसरे ठेकेदार से लाकर बेंचने का काम करते हैं । फिर दूसरा निशाना उनका कच्ची शराब निमार्ण कर्ताओं पर होता जो महुआ और नौसादर से सस्ती शराब बनाते हैं । लेकिन आबकारी विभाग उन शराब बेंचने बालों को देखने की बजाए धृतराष्ट्र बन जाता जो खुलेआम ठेकेदार से शराब लाकर बेंचने का काम करते हैं ।
अब देखना होगा कि मध्यप्रदेश सरकार अपनी लाड़ली बहनों की सुनती हैं या यहां भी शराब माफिया सरकार पर भारी पड़ता हैं।
बैसे नई शराब नीति में सरकार की मंशा हैं कि समस्त ठेकेदार पीएसओ सिस्टम से शराब बेचेंगे जो दूर की कोड़ी लगती हैं ।

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