स्नान दान श्राद्ध सहित सोमवती कुशोत्पटिनी अमावस्या सोमवार को

पं. मोहनलाल द्विवेदी ( हस्तरेखा, जन्मकुंडली एवं वास्तु विशेषज्ञ ) माँ शारदा देवीधाम, मैहर म.प्र., मोबाइल नम्बर 9424000090, 7000081787
अमावस्या तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है अमावस्या तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से साधक को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है।
मां शारदा की पवित्र धार्मिक नगरी मैहर देवीधाम के प्रख्यात वास्तु एवं ज्योतिर्विद पंडित मोहनलाल द्विवेदी ने बताया कि भाद्रपद माह की अमावस्या का महत्व दीपावली की अमावस्या के तुल्य है और यह सोमवार को होने से इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है । आज सोमवती अमावस्या के साथ कुशोत्पटिनी अमावस्या भी है। आज मंत्रोचार के साथ उखाड़ा हुआ कुशा पूरे वर्ष भर पूजनादि कार्यों में प्रयोग में लाया जाएगा ।
पंडित द्विवेदी ने बताया कि सोमवती अमावस्या में पीपल वृक्ष में भगवान विष्णु का निवास मानते हुए सौभाग्यवती सुहागिने विधिवत पूजन कर मंत्रोचार के साथ पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा करेंगी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि की वृद्धि भी है जिससे कल मंगलवार को भी अमावस्या का मान रहेगा।
शिव योग एवं सिद्धि योग का विशेष संयोग
पंडित द्विवेदी बताते है कि इस बार सोमवती अमावस्या को सूर्योदय से पूर्व ही शिव योग शुरू हुआ है जो शाम को 7.55 बजे तक रहेगा । शाम 7.55 बजे से सिद्धि योग शुरू होगा जो मंगलवार शाम 8.13 बजे तक रहेगा, इसलिए इस अमावस्या का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
अमावस्या के दिन नहीं किए जाते शुभ कार्य
अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों का तर्पण किया जाता है। अमावस्या तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित है। इस खास अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करने का विधान है। साथ ही कुछ विशेष चीजों का दान किया जाता है। मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से साधक के द्वारा अनजाने में किए गए सारे पाप कट जाते हैं।
सोमवती अमावस्या शुभ मुहूर्त
पंडित द्विवेदी ने बताया कि सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की सोमवती अमावस्या तिथि सोमवार 2 सितंबर को सूर्योदय से पूर्व सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी और 3 सितंबर को सुबह 6 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार 2 सितंबर को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। यह अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है, तो इस कारण इस दिन महादेव की भी पूजा की जाएगी।
सोमवती अमावस्या के दिन क्या करें
अमावस्या पर गंगा स्नान या पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा अनुसार दान करना चाहिए। अमावस्या पर पितरों का तर्पण करना चाहिए। श्रीहरि की विशेष पूजा करनी चाहिए। प्रभु को पीले वस्त्र अर्पित करने चाहिए।
सोमवती अमावस्या के दिन क्या न करें
आज तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन शुभ और मांगलिक करना कार्य करना वर्जित है। पीपल और तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए।
पितृ दोष होगा दूर
अगर आप पितृ दोष की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो सोमवती अमावस्या के दिन स्नान करने के बाद पितरों को काले तिल मिश्रित जल से अर्घ्य दें। मान्यता है कि ऐसा करने से इंसान को सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
धन का मिलेगा लाभ
इसके अलावा धन संबंधी समस्या को दूर करने के लिए अमावस्या के दिन किया गया उपाय फलदायी माना जाता है। इस दिन लाल कपड़े में अलसी के बीज और कपूर को बांधें। इसके बाद इसके ऊपर से कलावा लपेट दें। इसके पश्चात इसे बहते जल अर्पित कर दें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से धन लाभ के योग बनते हैं।


