स्कूल में, बच्चों के इंतजार में, ऑर्डर करें सिर्फ कागजों में
सिलवानी।1 तहसील की बात की जाए तो प्राथमिक और मिडिल की अभी भी दयनीय स्थिति है आम दिनों की तरह ही शिक्षकों की अभी भी उदासीन ही नजर आ रही है। ग्रामीण अंचल की हालत बहुत ही खराब है, यहां शिक्षक आम दिनों में भी मुश्किल से ही पहुंचते हैं। यह कारण है कि ग्रामीण अंचल में पढ़ने वाले बच्चों का शिक्षा स्तर बहुत ही कमजोर है। ये स्कूल पूरी तरह बंद थे : ग्राम चैनपुर में संचालित प्राथमिक स्कूल में 10:45 तक अंदर बाहर सभी जगह ताले लगे हुए थे, कोई भी शिक्षक वहां पर नहीं था। लेकिन रिमझिम बारिश में भीगते हुए बच्चे शिक्षकों का आने का और स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे।
संस्था में टीकाराम काकोडिया और अतिथि शिक्षक पदस्थ है और 30 से अधिक बच्चे अध्धयनरत है।
वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी ताकि आदेशों का पालन हो : स्कूल समय पर खुले, शिक्षक पहुँचे और समय पर ही स्कूल छोड़े। इसके लिए जन शिक्षक, , बीएसी, बीआरसीसी सहित बीईओ, डीपीसी सहित डीईओ को शासन के आदेश का पालन सुनिश्चित कराना है लेकिन इन्हें मोटा वेतनमान देने के बाद भी इनमें से कई शिक्षकों से सांठ-गांठ करते हुए व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखा रहे है।इस संबंध में बीआरसीसी महजबी सिद्दीकी का कहना है कि मीडिया के मध्यम से जानकारी मिली है, जांच कर करवाई की जाएगी।



