क्रिमेटोरियम में कार्यरत स्टॉफ के लिए विशेष शिविर आयोजित
रिपोर्टर : शिवलाल यादव, रायसेन
रायसेन। प्रधान जिला न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार नाथ के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग रायसेन के समन्वय से जिला चिकित्सालय रायसेन में क्रिमेटोरियम में कार्यरत स्टॉफ को सेंषीटाईज करने के लिए विशेश शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में शरद भामकर, प्रथम जिला न्यायाधीश रायसेन के द्वारा बताया गया कि कोविड-19 के संक्रमण के चलते मृतकों के सम्मान व अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा गाईडलाईन जारी की गई है। जिसके तहत मरणोपंरात कानूनी अधिकारों की मान्यता, मृत लोगों को भारतीय कानून प्रणाली के भीतर महत्वपूर्ण नैतिक स्थिति प्रदान करती है। काननू एक मृतक की इच्छाओं का सम्मान व उसके हितों की रक्षा करने का भी प्रयास करता है। ना केवल जीवित व्यक्ति के लिए बल्कि उसके मृत शरीर के मामले में भी जीवन का अधिकार, उपचार व गरिमा का अधिकार प्राप्त है।
डॉक्टर हेमंत गुप्ता के द्वारा मृतक के शरीर को डिस्पोज्ड ऑफ करने के संबंध में जानकारी दी गई। मृत शरीर का डिस्पोज्ड ऑफ करने वाले कर्मचारियों को इस दौरान बरतने वाली सावधनियों (जैसे कि पी.पी.किट पहनकर कार्य करना, साल्यूषन से साफ करना, मृतक के शरीर को शील्डबेग में पैक करना, मृतक के परिवारजनों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराये जाने के बारे में भी बताया गया।
डॉ ए.के. शर्मा सिविल सर्जन के द्वारा बताया गया कि प्राकृतिक या अप्राकृतिक दोनों ही तरह की मौतें में मृतकों के अधिकारों की रक्षा करना व मृत शरीर पर अपराध को रोकना, राज्य का कर्तव्य है। उक्त कार्यक्रम में दिव्या भलावी जिला विधिक सहायता अधिकारी रायसेन, डॉ. ए.के. शर्मा, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय रायसेन, डॉक्टर हेमंत गुप्ता, डॉ यशपाल सिंह बाल्यान स्टॉफ आदि उपस्थित रहे।



