धार्मिक

नवरात्रि महापर्व पर वार्ड क्रमांक 4 में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन

द्वितीय दिवस की कथा में पंडित भूपेंद्र शास्त्री ने कराया भक्तों को अमृत तुल्य कथा रस का पान
सिलवानी। नगर के वार्ड क्रमांक 4 में कथा आयोजक राजकुमार साहू के निवास पर नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा का भक्तों ने भावपूर्वक श्रवण किया। इस पावन अवसर पर नगर खेड़ापति पंडित भूपेंद्र शास्त्री ने दिव्य कथा का वाचन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रस से सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद् भागवत के महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार पांडव पुत्रों के वध के पश्चात राजा परीक्षित को श्राप मिला और उन्हें सात दिनों में मृत्यु का संकेत प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर नगर खेड़ापति पंडित विपिन शास्त्री ने कथा का मर्म समझाते हुए कहा, “राजा परीक्षित ने जब अपनी मृत्यु का समय जाना, तब उन्होंने सुखदेव जी से प्रश्न किया कि मृत्यु का सामना कर रहे मनुष्य को उस अंतिम समय में क्या करना चाहिए?” इस प्रश्न के उत्तर के रूप में ही श्रीमद्भागवत की ज्ञानगंगा प्रवाहित हुई, जो आज भी मानव जीवन को दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण में श्रद्धालु भजन, कीर्तन एवं सत्संग का लाभ ले रहे हैं। कथा के आयोजन करता
राजकुमार साहू एवं उनके परिवार के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुचारु व्यवस्था की गई है।

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