प्रत्याशियों ने कहा : मध्य प्रदेश सरकार ने प्रत्याशियों के साथ ही नही आम नागरिकों के साथ धोखा और छलावा किया है
चुनाव लड़ रहे कई गरीब निर्धन प्रत्याशियों ने अपनी पत्नी के जेवर तो किसी ने अपनी जमीन को गिरवी और कोली रखकर ही प्रत्याशियों के पिछले बकाया बिजली के बिल और चुनाव के फार्म भरे हैं ।
प्रत्याशियों ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा इतना ही नही इसकी कड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी
सिलवानी। मध्यप्रदेश में पंच, सरपंच, जनपद पंचायत, जिला पंचायत चुनाव निरस्त होने की खबर मिलते हैं चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी में खलबली मच गई और अपने चुनाव क्षेत्र का प्रचार छोड़कर प्रत्याशी ने अपना अपना चुनाव प्रचार बंद कर प्रत्याशियों ने अपने अपने प्रचार वाहन लेकर सिलवानी तहसील कार्यालय पहुंचे जहा प्रत्याशियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने सरपंच, जनपद पंचायत, जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के साथ ही नही आम नागरिकों के साथ धोखा और छलावा किया है।
कई ऐसे गरीब निर्धन प्रत्याशी भी हैं जिन्होंने सरपंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों ने अपनी पत्नी के जेवर तो किसी ने अपनी जमीन को गिरवी और कोली रखकर ही प्रत्याशियों के पिछले बिजली के बिल और चुनाव के फार्म भरे हैं वही प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और उनकी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा इतना ही नही, इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
मध्यप्रदेश में बैठी शिवराज सरकार और चुनाव आयोग आखिर कब तक इसी तरह लोगों को गुमराह करता रहेगा आखिर प्रत्याशी जो चुनाव लड़ रहे हैं उनकी क्या गलती है प्रत्याशियों द्वारा नियम अनुसार फॉर्म भरकर चुनाव आयोग द्वारा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था जब प्रत्याशियों द्वारा चुनाव वाहन चुनाव प्रचार की सामग्री पर अपनी मेहनत की कमाई खर्च कर चुनाव लड़ रहे थे आखिर सरकार और चुनाव आयोग को इसका जवाब जनता और प्रत्याशियों को देना होगा।
पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशी ने कहा जनता में शिवराज सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है आने वाले विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा वही प्रत्याशी अब चुनाव आयोग के लिखित आदेश और फैसले का इंतजार कर रहे हैं ।
आज आम नागरिकों में शिवराज सरकार के खिलाफ काफी रोष व्याप्त है आखिर मध्य प्रदेश की सरकार प्रत्याशी और आम नागरिकों क्या चाहती है। चुनाव आयोग और सरकार कब तक आम लोगो को गुमराह करती रहेगी और प्रदेश की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती रहेगी आखिरकार उस प्रत्याशी की क्या गलती है जिसने पर्चा दाखिल किया और चुनाव आयोग के द्वारा चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए प्रत्याशी अपना प्रचार करें या ना करेंl अपने सारे काम छोड़कर प्रत्याशी लंबे समय से चुनाव की तैयारी में लगे प्रत्याशी का क्या होगा जिसने चुनाव प्रचार सामग्री चुनाव वाहन में अपने लाखो रुपये अपनी मेहनत की कमाई का पैसा खर्च कर दिया इसका सरकार और चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।




