न पानी न सड़क और नही बिजली है, नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं चक्क चरगुआ के लोग

मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंचने से कैदी बनाकर रह गए हैं ग्रामीण
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । न पानी है न सडक है न बिजली है ,चरगुआ ग्राम पंचायत का जंगल से सटा हुआ अंतिम छोर का मुहल्ला चक्क चरगुआ आज भी पिछडा हुआ उपेक्षित पडा हुआ है। बतादे की भारत को आजाद हुए आज 77 वर्ष पूरे हो चुके है लेकिन मप्र के सागर जिला की देवरी तहसील की ग्राम पंचायत चरगुआ के वार्ड चक्क चरगुआ की राम कहानी सोलहवीं सदी जैसी है जहां पर पांच सौ से ऊपर की आबादी निवास करती है जिसमे आदिवासियो की जनसंख्या ज्यादा है इस गांव का दुर्भाग्य है की अभी यहां के लोगो को शासन की ओर से मूलभूत सुविधाये मुहैया नही कराई गई है यहां के लोगो ने प्रतिनिधि को अपनी आप बीती सुनाते हुए बताया की चरगुआ से चक्क चरगुआ के बीच तीन किलो मीटर का फासला है यहां पक्की सडक नही है ग्रामीणो को कच्चे ऊबड खाबड पथरीले ऊंचे-नीचे रास्तो से अपने घर व खेत खलिहानो को आना जाना पडता है सबसे बडी मुसीबत नन्हे मुन्ने बच्चो की है यहां का स्कूल जो की चारो तरफ से बरसाती गहरे नालो से घिरा हुआ होने के कारण कच्चे रास्तो से निकलना बच्चो को बडा मुश्किल होता है यहां बरसात काल का आलम तो और भी विकराल खतरनाक व हृदय विदारक होता है यह टोला कच्चे मार्ग व चारो ओर बरसाती नालो से घिरा होने के कारण बाढ आने पर एक टापू जैसा बनकर रह जाता है तब इस दौरान लोग कही भी नही आ जा पाते ऐसे मे तब मुसीबतो का पहाड टूट पडता है जब कोई परिवार का सदस्य बीमार हो जाता है तब उसे इलाज हेतु गौरझामर तक लाने ले जाने के लिए कोई वाहन यहा मचने वाले भारी कीचड दलदल के कारण नही आ जा सकता तब मरीज को बरसते हुए पानी मे बरसाती मे ढाक के खाट पर लिटाकर चार लोग बडी दिक्कत मे गौरझामर ले जा पाते है, लोग बताते है की चक्क चरगुआ तक प्रधान मंत्री ग्रामीण सडक स्वीकृत है लेकिन अधिकारियो की भृष्ट नीति व सरकार के ढुलमुल रबैये के चलते यह सडक आज तक नही बन पाई है परिणाम स्वरूप यहां के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है ,हर घर नल जल, योजना जो शासन व्दारा जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चलाई गई है यहां के लोगो को मुंगेरी लाल के सपने जैसी है नल योजना तो दूर लोग खेतो मे दूर-दूर बने कुओ, बोरो ट्यूबेलो से पीने का पानी लाते है जो यहां की गम्भीर समस्या है , यहां बिजली के मामले मे मजे की बात है की घरेलु बिजली कनैक्सन देने हेतु मप्र पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कम्पनी लिमिटेड गौरझामर व्दारा यहां के लोगो को भरमाने के लिए घर घर विधुत मीटर तो लगा दिये और बिजली का विधिवत बिल बिना कनैक्सन के भी देना प्रारम्भ कर दिये लेकिन यहां न बिजली के खम्बे् लगाये गये और न ही किसी प्रकार के विधुत तार या लीड ही खीची गई, इससे गांव वाले आश्चर्य चकित है, एक तरफ शासन अनेको योजनाये चला कर लोगो को मूलभूत सुविधाये प्रदान कर रहा है तो दूसरी तरफ प्रशासन तन्त्र मे बैठे नौकरशाह अपनी मनमानी व भृष्टाचार के कारण लोगो को शासकीय सुविधाओ से वन्चित कर शासन को बदनाम करने पर तुले हुए है , मप्र सरकार के मुखिया मा डा मोहन यादव लोगो के लिए मिलने वाली हितकारी लाभकारी योजनाओ के आम जन तक लाभ नही पहुंचाने वाले ऐसे भृष्ट लापरवाह अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाही करे जिससे सिस्टम दुरुस्त हो सके।



