धार्मिक

गुरु अस्त, मांगलिक कार्यों पर फिर लगेगा विराम

नया सहालगी सीजन 15 अप्रैल के बाद ही होगा प्रारंभ, आखातीज की रहेगी धूम
सिलवानी।
बीते डेढ़ माह से जारी शादी समारोहों और मांगलिक कार्यक्रमों का सिलसिला एक बार फिर थम जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि रविवार को गुरु अस्त हो गए और 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। लिहाजा अब 14 अप्रैल के बाद ही फिर से मांगलिग कार्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
नगर खेरापति पंडित भूपेन्द्र शास्त्री के मुताबिक गत मकर संक्रांति से शुरू हुआ विवाह व मंगल कार्यों का सिलसिला अब फिर थम जाएगा। बृहस्पति 20 फरवरी से 24 मार्च तक अस्त रहेंगे। वहीं 14 मार्च को सूर्य के कुंभ से मीन राशि में प्रवेश पर एक महीने के लिए खरमास प्रारंभ हो जाएगा। ज्योतिषियों के मुताबिक विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए बृहस्पति का उदित रहना जरूरी रहता है। बृहस्पति यानी गुरु धार्मिक, सांस्कृतिक, शिक्षा, संस्कार आदि के तारकव कारक ग्रह माने जाते हैं। फिर शुरू होगा आखातीज का सीजन 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद फिर मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो सकेंगे। साथ ही आखातीज के सहालगी सीजन में शादी-विवाहों की धूम रहेगी। चूंकि कोरोना की तीसरी लहर भी ठंडी पड़ चुकी है, ऐसे में इस बार उम्मीद है कि बीते दो सालों से प्रभावित हो रहा आखातीज का सहालगी सीजन इस बार अच्छा रहेगा।

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