ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 26 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 26 जुलाई 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार श्रावण माह के कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 11:30 PM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 02:30 PM तक उपरांत रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं ।जिसके स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं।नक्षत्र के देवता अतिर्बुधन्य को माना गया है।
⚜️ योग – सुकर्मा योग 01:32 AM तक, उसके बाद धृति योग
प्रथम करण : गर – 12:42 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 11:30 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:21:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:39:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:16 ए एम से 04:58 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:37 ए एम से 05:39 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:16 पी एम से 07:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:16 पी एम से 08:18 पी एम
💧 अमृत काल : 10:03 ए एम से 11:32 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 27 से 12:49 ए एम, जुलाई 27
सर्वार्थ सिद्धि योग : 02:30 पी एम से 05:40 ए एम, जुलाई 27
🌊 अमृत सिद्धि योग : 02:30 पी एम से 05:40 ए एम, जुलाई 27
❄️ रवि योग : 02:30 पी एम से 05:40 ए एम, जुलाई 27
🚗 यात्रा शकुन – शुक्रवार को मीठा खाकर यात्रा पर निकले।
👉🏽 आज का मंत्र – ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नमः।
🤷🏻 आज का उपाय – लक्ष्मी मंदिर में श्रंगार सामग्री भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय – गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ मूल प्रारंभ/ अमृतसिद्धि योग/ कारगिल विजय दिवस, राष्ट्रीय कॉफी मिल्कशेक दिवस, राष्ट्रीय आंटी और अंकल दिवस, राष्ट्रीय चिली डॉग दिवस, राजनेता सत्य नारायण सिन्हा स्मृति दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मालती चौधरी जन्म दिवस, प्रसिद्ध विद्वान वासुदेव शरण अग्रवाल पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।।
🗺️ Vastu tips 🗽
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, अगर रसोई घर ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व में हो तो रसोई घर के अंदर गैस चूल्हे को आग्नेय कोण में रख दें. रसोई के ईशान कोण में साफ बर्तन में जल भरकर रख दें. माना जाता है कि ऐसा करने से आपके घर में धन का प्रवाह बना रहता है. इस उपाय को करने से अटका हुआ धन भी मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
घर के उत्तर दिशा में देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लगानी चाहिए जिसमें वह कमलासन पर विराजमान हों और स्वर्ण मुद्राएं गिरा रही हों. वास्तु के अनुसार घर में मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लगाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
◾बथुआ के साग के फायदे ◾
चुस्ती लाए-: पोषक तत्वों की खान बथुआ में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम आदि समस्त तत्व पाए जाते हैं। इसलिए बथुए का नियमित प्रयोग शरीर को चुस्ती-फुर्ती और ताकत प्रदान करता है।
हीमोग्लोबिन की कमी दूर करे-: बथुआ में आयरन और फोलिक एसिड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसलिए यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने में सहायक है। बथुआ महिलाओं के मासिक धर्म की अनियमितता से राहत पाने में भी लाभप्रद है।
पथरी की समस्या-: इसी तरह पथरी (स्टोन) की समस्या में भी बथुआ खाना लाभप्रद है। यही नहीं किडनी में इन्फेक्शनऔर किडनी में स्टोन की समस्या में भी बथुआ फायदेमंद है।
कब्ज की समस्या :- बथुआ आमाशय को ताकत देता है, कब्ज दूर करता है, बथुए की सब्जी दस्तावर होती है, कब्ज वालों को बथुए की सब्जी नित्य खाना चाहिए।
पीलिया में फायदेमंद:-बथुआ के साग का सेवन पीलिया के मर्ज में लाभप्रद है। बथुआ पीलिया से बचाव में भी लाभप्रद है।
🩸 आरोग्य संजीवनी
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थायराइड का पक्का इलाज और सावधानियां
महर्षि चरक के अनुसार थायराइड का रोग अधिक दूध पीने वाले, साबुत मूंग, पुराने चावल, जों, सफ़ेद चने, गन्ने का जूस और दुग्ध पदार्थों का सेवन करने से नहीं होता है। खट्टे फलों का सेवन कम से कम करें .कचनार का प्रयोग इस ग्रंथि को अच्छी तरह से सक्रीय रखता है।इसके अलावा
ब्राम्ही ,आंवला ,गुग्गुल और शिलाजीत भी बहुत लाभदायक होते हैं। 11 से 22 ग्राम जलकुम्भी का पेस्ट बना कर थायराइड वाले स्थान पर बहुत लाभ मिलता है। यह आयोडीन की कमीं को भी पूरा करती है। जलकुंभी का उपाय बहुत ही कारगर है।
आँवला चूर्ण और शहद : आपको लग रहा होगा की आँवला चूर्ण और शहद एक साधारण सा नाम है लेकिन आपको बता दूँ की मैंने अभी तक जितने भी थाइरॉइड से ग्रसित रोगी थे उनको यह उपाय बताया और सत्-प्रतिशत परिणाम मिला, इसका असर 15 दिनों में आपको महसूस होने लगेगा। आप सुबह उठते ही खाली पेट एक चम्मच शहद (ऑर्गेनिक शहद) में 5-10 ग्राम आँवला चूर्ण को मिक्स कर ऊँगली से चाटे यही प्रक्रिया रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या सोते वक़्त दोहराये, परिणाम आपके सामने होगा बेहद आसान उपाय है लेकिन अचूक कारगर है जो मोटापे को भी कंट्रोल करता है। आप अपना अनुभव औषधि सेवन के कुछ दिन बाद हमे जरूर बताये। अखरोट भी इस बीमारी के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
तंत्र एक रहस्यमय और गूढ़ विद्या है, जिसमें विभिन्न साधनाओं के माध्यम से दिव्य शक्तियों का आह्वान किया जाता है। तंत्र के अनुसार, परम आनंद की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को निम्नलिखित विधियों का पालन करना चाहिए:
मंत्र साधना: तंत्र में मंत्र साधना का विशेष महत्व है। विभिन्न मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है, जिससे वह आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है। उदाहरण के लिए, “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप व्यक्ति को शिव तत्व से जोड़ता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
यंत्र साधना: यंत्र तांत्रिक साधना में उपयोग किए जाने वाले विशेष उपकरण होते हैं। विभिन्न यंत्रों की स्थापना और पूजा से व्यक्ति को दिव्य शक्तियों की कृपा प्राप्त होती है। जैसे श्री यंत्र का पूजन लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है, जो भौतिक समृद्धि और मानसिक शांति दोनों प्रदान करता है।
तांत्रिक क्रियाएं: तंत्र में विभिन्न तांत्रिक क्रियाएं होती हैं जैसे हवन, यज्ञ, और अभिषेक, जो व्यक्ति की आत्मा को शुद्ध करती हैं और उसे दिव्य आनंद की ओर ले जाती हैं।
ज्योतिष शास्त्र में भी परम आनंद की प्राप्ति के लिए विभिन्न उपाय और विधियाँ बताई गई हैं। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, ग्रहों की स्थिति और कुंडली का विश्लेषण करके व्यक्ति को सही मार्गदर्शन दिया जा सकता है।
ग्रह शांति: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष हो, तो उसके निवारण के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं। जैसे शनि ग्रह की दशा में शनि मंत्र का जाप और शनि यंत्र की स्थापना से व्यक्ति को मानसिक शांति और आनंद प्राप्त होता है।
रत्न धारण: ज्योतिष में विभिन्न रत्नों का धारण करके भी व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है। जैसे पुखराज धारण करने से व्यक्ति को गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है, जिससे ज्ञान और आत्मिक शांति में वृद्धि होती है।
पूजा और व्रत: विभिन्न पूजा और व्रत भी ज्योतिषीय दृष्टिकोण से परम आनंद की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जैसे नवग्रह शांति पूजा से व्यक्ति को नवग्रहों की कृपा प्राप्त होती है और उसकी जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
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⚜️ षष्ठी तिथि यदि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

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