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Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 05 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 05 जनवरी 2026
05 जनवरी 2026 दिन सोमवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष कि द्वितीय तिथि है। आज नवीन मत के अनुसार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्म जयन्ती है। आज सर्वार्थसिद्ध योग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्म जयन्ती” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
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सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
*सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है। *जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
*सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है। 🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126_

🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – सोमवार माघ माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 09:56 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीय तिथि (दूज) के स्वामी ब्रह्मा जी हैं, जिन्हें विधाता भी कहा जाता हैं, इसका विशेष नाम ‘सुमंगला’ है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुष्य 01:24 PM तक उपरांत आश्लेषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं। देव गुरु बृ्हस्पति को पुष्य नक्षत्र का अधिष्ठाता देवता माना गया है।
⚜️ योग – विष्कुम्भ योग 10:46 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
प्रथम करण गर 09:57 AM तक, बाद
द्वितीय करण : वणिज 08:54 PM तक, बाद विष्टि
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:53:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 03:20:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:26 ए एम से 06:20 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या – 05:53 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – 12:06 पी एम से 12:47 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त – 02:10 पी एम से 02:52 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:36 पी एम से 06:03 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या – 05:38 पी एम से 07:00 पी एम
💧 अमृत काल – 07:29 ए एम से 08:58 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त – 11:59 पी एम से 12:54 ए एम, जनवरी 06
सर्वार्थ सिद्धि योग – 07:15 ए एम से 01:25 पी एम
🌍 भद्रा – 08:53 पी एम से 07:15 ए एम, जनवरी 06
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ भारतीय रोवर (नौका चालक) बजरंग लाल ठक्कर जन्म दिवस, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जन्म दिवस, भारतीय राजनीतिज्ञ, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह जन्म दिवस, मुरली मनोहर जोशी जयन्ती, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जन्म दिवस, पाकिस्तान की प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो जन्म दिवस, गुरु गोविंद सिंह जयन्ती/ राष्ट्रीय पक्षी दिवस, राष्ट्रीय पटकथा लेखक दिवस, मोनोपोली गेम दिवस, राष्ट्रीय संवाद दिवस, राष्ट्रीय एलेन दिवस, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जन्म दिवस ✍🏼 *तिथि विशेष – द्वितीय तिथि को कटोरी फल का तथा तृतीया तिथि है नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। द्वितीय तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीय तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी को बताया गया है। यह द्वितीय की तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीय तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🪬 Vastu tips 🧿
लाजवर्त रत्न को पहनने से आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होती है साथ ही आपकी सेहत में भी अच्छे बदलाव देखने को मिलते है। लाजवर्त पहनने से गले, हड्डियों और पेट से जुड़ी परेशानियों से आपको मुक्ति मिलती है। इस रत्न के प्रभाव से राहु-केतु के साथ ही शनि के बुरे प्रभाव भी दूर होने लगते हैं। आपको जीवन में सकारात्मकता आती है और करियर के क्षेत्र में आप उन्नति प्राप्त करते हैं। साथ ही आपका आर्थिक पक्ष भी सुधरता है। इसके साथ ही रचनात्मक कार्यों में आपको सफलता मिलती है। यह रत्न राहु-केतु के बुरे प्रभाव को दूर करता है इसलिए आपके जीवन में आने वाली अड़चनें भी दूर होती हैं।
लाजवर्त पहनने के नियम लाजवर्त रत्न शनिवार को सूर्यास्त के बाद धारण करना शुभ माना जाता है। आप लोहे, स्टील या पंचधातु की अंगूठी में लाजवर्त को गढ़ाकर धारण कर सकते हैं। इस रत्न को धारण करते समय शनि और राहु-केतु के मंत्रों का जप करना शुभ माना जाता है। इस रत्न को मध्यमा उंगली पर धारण आपको करना चाहिए। इसके साथ ही आप गले में भी लाजवर्त रत्न को धारण कर सकते हैं।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह-सुबह आकाश तत्व सुबह उठने के बाद 8:00 बजे तक कुछ नहीं खाते पीते हैं तो हमारे बॉडी को आकाश तत्व मिल जाता है।
*एक-दो घंटे के बाद हरी पत्तियों का जूस हरी पत्तियों में वायु तत्व होता है जिसमें क्लोरोफिल भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारी बॉडी के लिए बहुत फायदेमंद है, क्लोरोफिल बहुत बड़ा मैकेनिक है इंजीनियर है जो हमारे बॉडी में कुछ भी कर सकता है, हमारे बॉडी का पूरा जानकार है, हमारे बॉडी में हर चीज बना सकता है ,सभी बीमारियों को खत्म कर सकता है, सिर्फ क्लोरोफिल। जो हरी पत्तियों में पाया जाता है, हरी पत्तियां अगर हम प्रतिदिन 50 ग्राम 100 ग्राम खाते रहे तो कोई भी बीमारी हमारे शरीर में टिक नहीं सकता, उसके बाद एक-दो घंटा के बाद भरपेट फल खा ले, फल में अग्नि तत्व मिलता है। उसके बाद एक-दो घंटे के बाद सलाद नारियल की गिरी कद्दूकस करके मिलकर खा ले, इसमें जल तत्व मिलता है। *रात 8:00 के पहले अगर हम ओट्स दलियां में भरपूर वेजिटेबल मिलाकर खिचड़ी बना ले, दलिया बना ले और थोड़ा बहुत खाकर सो जाएं अगर इस तरह रोटीन हमारा है तो हम पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
गिलोय का रस: आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और बीमारी से लड़ने में मदद करने के लिए गिलोय के ताजे तनों से रस निकाल सकते हैं और इसे रोजाना पी सकते हैं। अतिरिक्त लाभ के लिए आप रस को शहद के साथ भी मिला सकते हैं।
*गिलोय पाउडर: आप गिलोय पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बना सकते हैं और इसे त्वचा के संक्रमण या घावों पर लगाने से उन्हें ठीक करने में मदद मिलती है। *गिलोय का रस: आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और बीमारी से लड़ने में मदद करने के लिए गिलोय के ताजे तनों से रस निकाल सकते हैं और इसे रोजाना पी सकते हैं। अतिरिक्त लाभ के लिए आप रस को शहद के साथ भी मिला सकते हैं।
*गिलोय कैप्सूल: आप गिलोय कैप्सूल या टैबलेट ले सकते हैं, जो बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। हालांकि, कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर आप टाकी हैं *यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गिलोय को आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, यह कुछ दवाओं के साथ परस्पर क्रिया कर सकता है या कुछ लोगों में दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
चमारों के देवता बाबा सिद्ध चानो।
सिद्ध चानो बाबा चमार जाति के कुल देवता के रूप में पूजे जातें हैं।
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ऐसा कहा जाता है कि एक बार महाभारत के राजा कंस की बहन ने बाबा सिद्ध चानो को जंगलों में भगवान शिव का ध्यान और पूजा करते हुए देखा था। उसने अपने भाई कंस को बाबा सिद्ध चानो के प्रभावशाली व्यक्तित्व के बारे में बताया। कंस ने उस स्थान का दौरा किया जहां चानो ध्यान कर रहा था। प्रारंभ में कंस ने चुनौती दी और बाबा सिद्ध चानो की शक्ति और अन्य क्षमताओं का परीक्षण करने का प्रयास किया। कंस को वह अत्यंत बलशाली और योग्य लगा। उसने (कंस ने) उसे तड़ागी (कमर का कपड़ा ) उपहार में दी।
*उसके विशाल आकार के शरीर को ढकने के लिए बहत्तर खालों से तैयार किया गया लंगोटी)। वे दोस्त बन गए। बाबा सिद्ध चानो एक महान पहलवान भी थे। उन्हें मथुरा के राजा कंस की सेना में प्रधान सेनापति के रूप में नियुक्त किया गया था। *जब राजा कंस ने भगवान कृष्ण को किसी तरह पराजित करने की योजना बनाई, तो उसने इस उद्देश्य के लिए बाबा सिद्ध चानो को बुलाया और मथुरा में उनके (बाबा सिद्ध चानो और भगवान कृष्ण) के बीच एक लड़ाई आयोजित की। दंगल (कुश्ती प्रतियोगिता) का आयोजन किया गया जो बाईस दिन तक अनिर्णीत चलता रहा।
भगवान कृष्ण आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी की ताकत और शक्ति के बारे में कुछ गुप्त जानकारी प्राप्त करने की सोची। उसने सोचा कि बाबा सिद्ध चानो की पत्नी लूना उसके पति के बारे में रहस्य जान रही होगी।
इसलिए, उसने किसी तरह उससे ऐसी जानकारी प्राप्त करने की योजना बनाई। भगवान कृष्ण ने घोषणा की कि उन्हें इस प्रतियोगिता से कुछ समय का अवकाश चाहिए। उसे लड़ाई से छुटकारा मिल गया. उन्होंने अपना लुक बदल लिया. उन्हें अपनी पत्नी लूना से बाबा सिद्ध चानो की ताकत और कमजोरी के बारे में गुप्त जानकारी मिली। उसने उसे धोखा दिया और वहां बाबा सिद्ध चानो के साथ लड़ाई जारी रखने के लिए मथुरा लौट आया। उपयुक्त युक्तियाँ अपनाकर भगवान कृष्ण उसे हरा सकते थे। ऐसा कहा जाता है कि इस लड़ाई के दौरान बाबा सिद्ध चानो का केवल एक घुटना ही मुड़ सका था।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही मनाया जाता है तथा किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्मा जी का पूजन आवश्यक करना चाहिए। वैसे तो मूहूर्त चिंतामणि आदि ग्रंथों के अनुसार द्वितीय तिथि अत्यंत शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परंतु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिए श्रावण और भद्रपद की द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

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