ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 15 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 15 जुलाई 2024
15 जुलाई 2024 दिन सोमवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष कि नवमी तिथि है। आज कश्मीर में मेला शरीक भगवती की पुजा बड़ी धूमधाम से किया जाता है। आज रवियोग है, यायीजययोग है और यमघंट योग भी है। आप सभी सनातनियों को “शरीक भगवती पुजा” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 07:19 PM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाति 12:29 AM तक उपरांत विशाखा
🪐 नक्षत्र के स्वामी- स्वाति नक्षत्र के देवता वायु और सरस्वती जी और स्वामी राहु जी है ।
⚜️ योग – सिद्ध योग 06:59 AM तक, उसके बाद साध्य योग
प्रथम करण : बालव – 06:26 ए एम तक
द्वितीय करण – कौलव – 07:19 पी एम तक तैतिल
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:33.00
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:21.00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:12 ए एम से 04:53 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:32 ए एम से 05:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:22 पी एम
💧 अमृत काल : 02:49 पी एम से 04:35 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 16 से 12:48 ए एम, जुलाई 16
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-बहते जल में 250 ग्राम बताशे प्रवाहित करें।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पुनर्यात्रा/ मेला सरीफ भवानी (कश्मीर)/ विश्व युवा कौशल दिवस, सोशल मीडिया गिविंग डे, राष्ट्रीय कुछ दान दिवस, राष्ट्रीय गमी कृमि दिवस, राष्ट्रीय पालतू अग्नि सुरक्षा दिवस, भारतीय सेना के उच्च अधिकारी मोहम्मद उस्मान जन्म दिवस, गुजरात के राजनीतिज्ञ भूपेन्द्र पटेल जन्म दिवस, भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ भानु प्रताप सिंह वर्मा जन्म दिवस, (महावीर चक्र’ से सम्मानित) कैप्टन नीकेझाकू जयन्ती, राष्ट्रीय नारंगी चिकन दिवस ✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है। 🗽 *Vastu tips* ⛲ अगर किसी कारणवश घर के निर्माण के बाद वास्तु दोष उत्पन्न हो जाए तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर में कभी भी ऐसा तिकोना फर्नीचर न लाएं। घर का फर्नीचर हमेशा गोल या चौकोर होना चाहिए। घर में बिस्तर के आकार का फर्नीचर रखने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। रसोई में शीशा न रखें आपको अपने घर की रसोई में कभी भी शीशा नहीं रखना चाहिए। इससे आपके जीवन में कई परेशानियां आ सकती हैं। रसोईघर में दर्पण हमेशा घर के निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। यदि इन वास्तु नियमों का पालन किया जाए तो घर में वास्तु दोष होने पर भी नकारात्मक प्रभाव नजर नहीं आएगा। ♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गठिया का घरेलु रामबाण उपाय :_

दो बडे चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में 30 प्रतिशत रोगी गठिया के दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी गठिया की वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।
पारिजात पेड़ के पांच पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस ले और चटनी बनाइये फिर एक ग्लास पानी में इतना गरम कीजिये की पानी आधा हो जाये फिर इसको ठंडा करके पीजिये तो बीस-बीस साल पुराना गठिया का दर्द ठीक हो जाता है। यह उपाय लगातार कुछ महिनो तक करने से गठिया का ख़ात्मा हो जाता है, आपको गठिया से पूरी तरह से आराम मिल सकता है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
संतान प्राप्ति :- अपामार्ग की जड़ के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दूध के साथ मासिक-स्राव के बाद नियमित रूप से 21 दिन तक सेवन करने से गर्मधारण होता है। दूसरे प्रयोग के रूप में ताजे पत्तों के 2 चम्मच रस को 1 कप दूध के साथ मासिक-स्राव के बाद नियमित सेवन से भी गर्भ स्थिति की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
मलेरिया :- अपामार्ग के पत्ते और कालीमिर्च बराबर की मात्रा में लेकर पीस लें, फिर इसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर मटर के दानों के बराबर की गोलियां तैयार कर लें। जब मलेरिया फैल रहा हो, उन दिनों एक-एक गोली सुबह-शाम भोजन के बाद नियमित रूप से सेवन करने से इस ज्वर का शरीर पर आक्रमण नहीं होगा। इन गोलियों का दो-चार दिन सेवन पर्याप्त होता है।
👣 गुरु भक्ति योग 🕯️
नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा जी हैं ऎसे में जातक को दुर्गा जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए।
जीवन में यदि कोई संकट है अथवा किसी प्रकार की अड़चनें आने से काम नही हो पा रहा है तो जातक को चाहिए की दुर्गा सप्तशती के पाठ को करे और मां दुर्गा जी को लाल पुष्प अर्पित करके अपने जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने की प्रार्थना करे।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
नवमी तिथि में माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों स्मरण, उनके नमो के उच्चारण से जीवन में शुभ समय आता है।
जय माँ शैलपुत्री 2. जय माँ ब्रह्मचारिणी 3. जय माँ चंद्रघंटा 4. जय माँ कुष्मांडा 5. जय माँ स्कंदमाता 6. जय माँ कात्यायनी 7. जय माँ कालरात्रि 8. जय माँ महागौरी 9. जय माँ सिद्धिदात्री ।
शुक्ल पक्ष की नवमी में भगवान शिव का पूजन करना वर्जित है लेकिन कृष्ण पक्ष की नवमी में शिव का पूजन करना उत्तम माना गया है।
नवमी तिथि में माँ सिद्धिदात्री की उपासना परम फलदाई मानी जाती है।
हिंदू पंचाग की नौवीं तिथि नवमी कहलाती है। इस तिथि का नाम उग्रा भी है क्योंकि इस तिथि में शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
लेकिन जब नवमी तिथि शनिवार के दिन आती है, तो सिद्धिदा योग बनता है, अर्थात इस तिथि में किए गए सभी कार्यो में कार्यसिद्धि की प्राप्ति होती है ।
लेकिन जब नवमी तिथि शनिवार के दिन आती है, तो सिद्धिदा योग बनता है, अर्थात इस तिथि में किए गए सभी कार्यो में कार्यसिद्धि की प्राप्ति होती है ।
किसी भी प्रकार के युद्ध में विजय पाने के लिए ये तिथि अनुकूल मानी गई है ।
शास्त्रों के अनुसार किसी भी पक्ष की नवमी तिथि में लौकी और कद्दू नहीं खाना चाहिए
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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