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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 18 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 18 जनवरी 2026
18 जनवरी 2026 दिन रविवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष कि अमावस्या तिथि है। आज स्नान- दान एवं श्राद्धदि की पुण्यतमा की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए आज पापवार की अमावस्या होने कि वजह से दुर्भिक्ष एवं भय की स्थिति बनी रहेगी। आज की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इसलिए प्रयत्न करना चाहिए कि आज मौन रखा जाए। और प्रयाग अथवा काशी के दशाश्वमेध घाट पर स्नान करना चाहिए। आज की अमावस्या को उड़ीसा में त्रिवेणी अमावस्या कहा जाता है। आज सर्वार्थसिद्धियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “माघ कृष्ण अमावस्या अथवा मौनी अमावस्या” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 *रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें। *इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
*रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें । *रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌥️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌚 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – रविवार माघ माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 01:21 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 10:14 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह शुक्र है। और इसकी देवी अपा हैं, जो जल की देवी हैं, पूर्वाषाढ़ा में जल का व्रत और पूजन किया जाता है।
⚜️ योग – हर्षण योग 09:10 PM तक, उसके बाद वज्र योग
प्रथम करण : चतुष्पद 12:46 PM तक
द्वितीय करण : नाग 01:21 AM तक, बाद किस्तुघन
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:54:30
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:29:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या – 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – 12:10 पी एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त – 02:17 पी एम से 03:00 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:46 पी एम से 06:13 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या – 05:49 पी एम से 07:09 पी एम
💧 अमृत काल – 05:02 ए एम से 06:44 ए एम, जनवरी 19
🗣️ निशिता मुहूर्त – 12:05 ए एम से 12:58 ए एम, जनवरी 19
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – थाई अमावसाई/ अन्वाधान/ माघ अमावस्या/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ आडल योग/ दर्श अमावस्या/ मौनी अमावस्या (जैन)/ त्रिवेणी अमावस्या (उड़ीसा)/ अमावस्या समाप्ति् 01.21/ प्रयाग/ हरिद्वार/ काशी के दशाश्वमेध घाट पर स्नान (तीर्थ स्थान महात्म्य)/ पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव स्मृति दिवस, राष्ट्रीय विनी द पूह दिवस, राष्ट्रीय उपहार कार्ड उपयोग दिवस, राष्ट्रीय पेकिंग डक दिवस, राष्ट्रीय थिसॉरस दिवस, राष्ट्रीय मिशिगन दिवस, पवित्र शिशु का पर्व, राष्ट्रीय स्वादिष्ट कॉफी दिवस, विश्व हिमपात दिवस, राष्ट्रीय मिशिगन दिवस, 18वें प्रवासी भारतीय दिवस, क्रिकेट खिलाड़ी विनोद काम्बली जन्म दिवस, कुरुक्षेत्र के गुरुकुल के प्रधानाचार्य आचार्य देवव्रत जन्म दिवस, लेखक हरिवंश राय बच्चन स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)
✍🏼 *तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। 🗽 *_Vastu tips* 🗼
व्यवसायिक लाभ और वित्तीय स्थिति सुधारें अगर आप अपनी व्यवसायिक यात्रा से अर्थ लाभ पाना चाहते हैं, अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर करना चाहते हैं, तो रविवार के दिन एक केसर की डिब्बी लेकर, उसे भगवान विष्णु के चरणों से लगाकर अपने पास रख लें और जब कभी आप किसी व्यवसायिक यात्रा से बाहर जायें, तो उस केसर से अपने माथे पर तिलक लगाकर जाए।वहीं, अगर आप केसर ना ले सकें, तो आप एक डिब्बी में सुखी हल्दी ले लें। रविवार के दिन ऐसा करने से आपको व्यवसायिक यात्राओं से अर्थ लाभ जरूर मिलेगा। लिहाजा आपकी फाइनेंशियल कंडिशन बेहतर होगी।
बच्चों की सफलता सुनिश्चित करें अगर आप अपने बच्चों के कार्यों की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो रविवार के दिन थोड़ी सी मसूर की दाल लें और साथ ही एक रुपये का सिक्का लें। अब मसूर की दाल को सिक्के समेत एक सफेद रंग के कपड़े में बांध दें और उसको बच्चे के हाथ से स्पर्श कराएं। इस प्रकार बच्चे के हाथ से उस पोटली को स्पर्श कराने के बाद उसे किसी सफाई कर्मचारी को गिफ्ट कर दें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
👉🏼 मौनी अमावस्या पर क्या करें
आपको मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और साथ ही अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं।
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पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करना और पितरों की आराधना अगर आप इस दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
*इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। ऐसा करना पुण्य फलदायक होता है। *पितरों के निमित्त इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए।
*इस दिन पंचबली देने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंचबली का अर्थ है कि घर में बनाए गए भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को खिलाना। *मौनी अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ की आराधना करनी चाहिए और साथ ही इसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करना पितरों को प्रसन्न करता है।
*इस दिन मौन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है, ऐसा करने से आध्यात्मिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। इसके साथ ही ध्यान और प्राणायाम भी आप इस दिन अवश्य करें। 🩻 आरोग्य संजीवनी 🩸
भाप लेना यह बहती नाक को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में गर्म पानी लें। अपने सिर को तौलिए से ढंकें और 5-10 मिनट तक भाप लें। आप पानी में पुदीने का तेल (Peppermint Oil) या यूकेलिप्टस ऑयल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। इससे जल्दी आराम मिलेगा।
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नमक के पानी के गरारे गले की खराश और नाक के जमाव के लिए नमक का पानी रामबाण है। इसके लिए गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गरारे करें। इससे भी काफी आराम मिलेगा।
*अदरक और शहद की चाय अदरक में एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अदरक के छोटे टुकड़े को पानी में उबालें और उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। यह शरीर को अंदर से गर्माहट देता है और संक्रमण से लड़ता है। 📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
जनवरी के माह में 18 तारीख को ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दिन माघ अमावस्या भी है और साथ ही मकर राशि में इस दिन पांच ग्रह एक साथ भी होंगे। इस दिन मकर राशि में बुधादित्य, शुक्रादित्य, मंगलादित्य जैसे शुभ योग भी बनेंगे और साथ ही मंगल इस दिन उच्च राशि में रहेंगे। ऐसे में रविवार के दिन से कुछ राशियों की किस्मत पलट सकती है और इनको जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से इन राशियों के बारे में।
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मेष राशि : आपके लिए मकर राशि में बने शुभ योग लाभदायक होंगे। जीवन में सकारात्मक बदलाव आपको देखने को मिल सकते हैं खासकर करियर के क्षेत्र में आप आगे बढ़ेंगे और काम करने की गति भी बढ़ेगी। रोजगार की तलाश में लगे लोगों को मनचाही नौकरी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा।
*वृषभ राशि : शुक्र के स्वामित्व वाली वृषभ राशि के जातकों के लिए मकर राशि में शुक्रादित्य योग का बनना किस्मत को चमकाने वाला साबित हो सकता है। आपके अटके काम बनेंगे और धन लाभ के भी योग बन सकते हैं। भाग्य का साथ आपको भरपूर मिलेगा। सामाजिक स्तर पर आप प्रतिष्ठा पा सकते हैं। *कन्या राशि : आपके लिए मकर राशि में बना बुधादित्य योग शुभ साबित होगा। आपकी मेहनत और किस्मत का साथ आपको जीवन में उन्नति के पथ पर अग्रसर कर सकता है। विद्यार्थियों को शिक्षा जीवन में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। आपकी ऊर्जा का स्तर भी बढ़ेगा। इस राशि के लोगों को प्रेम जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
*तुला राशि के जातकों के सुखों में वृद्धि माघ अमावस्या के बाद हो सकती है। आपका आर्थिक पक्ष सुधरेगा, कुछ लोग भूमि-भवन या वाहन खरीद सकते हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भाग्य का सहयोग आपको मिलेगा और विजय प्राप्त करेंगे। सेहत के लिहाज से भी समय अच्छा साबित हो सकता है। *मीन राशि : मकर राशि में बने शुभ योगों से आपको सौभाग्य की प्राप्ति होगी। पारिवारिक और आर्थिक जीवन से जुड़े शुभ समाचार आपको मिल सकते हैं। गुरुजनों का सहयोग इस राशि के विद्यार्थियों को मिलेगा। आपके बिगड़े काम बन सकते हैं। कुछ लोग यात्राओं के जरिए फायदा मिलने की भी संभावना है।
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⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
*_ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहती है।
आप पर ईश्वर का सदैव आशीर्वाद बना रहे।

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