Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 26 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 26 दिसम्बर 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।* *मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी*
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌘 पक्ष -कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – गुरुवार पौष माह के कृष्ण पक्ष एकादशी 12:44 AM तक उपरांत द्वादशी
📝 तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाति 06:09 PM तक उपरांत विशाखा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी अश्लेषा नक्षत्र के देवता सर्प देव एवं नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी है ।
⚜️ योग – सुकर्मा योग 10:23 PM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : बव – 11:40 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 12:43 ए एम, दिसम्बर 27 तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:23 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:50 ए एम से 07:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:01 पी एम से 12:43 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:05 पी एम से 02:47 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:29 पी एम से 05:57 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:32 पी एम से 06:54 पी एम
💧 अमृत काल : 08:20 ए एम से 10:07 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:55 पी एम से 12:49 ए एम, दिसम्बर 27
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को पीले ऊनी वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सफला एकादशी व्रत (सर्वे)/ ज़ोर मेला (पंजाब) आरंभ/ हानुक्का(ज्यू – यहूदी)/ वीर बाल दिवस, बाबर मुग़ल सम्राट स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी गोपी चन्द भार्गव स्मृति दिवस, राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद ऊधम सिंह जयन्ती, महिला क्रांतिकारी बीना दास स्मृति दिवस, प्रसिद्ध संत विद्यानंद जी महाराज जन्म दिवस, सिख धर्म गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती, जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर पुण्य तिथि, स्लोवेनिया स्वतंत्रता और एकता दिवस, समाज सेवक बाबा एम्टे जयन्ती
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗽 Vastu tips_ 🗺️
घर से पीपल पेड़ हटना का नियम अगर आपके घर में पीपल का पेड़ उग आया है और आप उसे हटाना चाहते हैं तो पहले सही नियम के बारे में जान लीजिए। पीपल पेड़ को काटने से एक दिन पहले रात में वहां एक दीया जलाएं और फिर कुछ प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ या गजेंद्र मोक्ष का पाठ 108 बार करें। फिर पीपल पेड़ काटने से पहले कुल्हाड़ी पर घी या शहद लगाकर उसे पवित्र करें और फिर पीपल वृक्ष का काटें।
पीपल का पेड़ घर में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नई समस्याएं आती हैं। तो ऐसे में अगर पीपल पेड़ को काटना पड़े तो उसके लिए रविवार का दिन ही उत्तम माना जाता है। लेकिन ध्यान रहें कि पीपल पेड़ को काटने से पहले उसकी पूजा अवश्य करें।
यदि आपके घर में पीपल का पेड़ उग गया है और आप काटना नहीं चाहते हैं तो उसे मिट्टी सहित खोदकर किसी दूसरी जगह पर लगा दें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
त्रिफला का सेवन: सरल और स्वादिष्ट तरीके
देसी घी के साथ खाएं त्रिफला अगर आपका डिटॉक्स प्लान और डायबिटीज कंट्रोल एक साथ करना चाहते हैं, तो देसी घी के साथ त्रिफला खाएं। कैसे करें इस्तेमाल:हल्के गर्म घी में 1 चम्मच त्रिफला मिलाएं।इसे सुबह खाली पेट खाएं।बॉडी डिटॉक्स के साथ शुगर लेवल भी सेट रहेगा।
छाछ के साथ पिएं त्रिफला लंच के साथ त्रिफला और छाछ का कॉकटेल बनाएं। कैसे करें इस्तेमाल:1 चम्मच त्रिफला चूर्ण लें।इसे ठंडी छाछ में मिक्स करें।रोज़ाना दोपहर में इसे पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है और शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है।
त्रिफला का काढ़ा बनाएं चाय की जगह हेल्दी काढ़े से दिन की शुरुआत करें।
कैसे करें इस्तेमाल:1 कप पानी में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण डालें।इसे अच्छे से उबालें और छानकर पी लें।यह न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है।
🫘 आरोग्य संजीवनी 🥜
अलसी के बीज का उपयोग करने के तरीके:
साबुत बीज के रूप में: बीजों को धीमी आंच पर भूनकर स्नैक्स की तरह खा सकते हैं।इन्हें दाल, सब्जी, या सलाद पर छिड़ककर खाएं।
पिसी हुई अलसी: इसे आटे में मिलाकर रोटियां या परांठे बनाएं।दही, स्मूदी, या ओटमील में मिलाकर खाएं। ब्रेड, कुकीज, या अन्य बेकिंग रेसिपीज़ में भी इसका इस्तेमाल करें।
अलसी का तेल: सलाद ड्रेसिंग में मिलाएं या रोजाना एक चम्मच तेल का सेवन करें।
पानी में भिगोकर: रातभर भिगोकर सुबह इसका पानी पी लें और बीज खा लें।
चाय या ड्रिंक में: अलसी के बीज को पानी में उबालकर चाय या हेल्दी ड्रिंक बना सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
भगवान जो भी करते हैं अच्छे के लिए करते हैं | बहुत पुरानी बात है एक राजा था राजा बहुत ही गुस्सैल स्वभाव का था । राजा का एक मंत्री था वह बहुत ही ज्ञानी और चतुर था । राजा जब भी कहीं बाहर जाता मंत्री हमेशा उसके साथ ही रहता था । मंत्री अक्सर एक ही बात कहता था – ” भगवान जो भी करते हैं अच्छे के लिए करते हैं। “
एक दिन की बात है राजा कुछ कार्य कर रह था तभी राजा की उंगली में कुछ लग जाने से राजा की उंगली कट गई । राजा को बहुत दर्द हो रहा था पास में मंत्री जी भी खड़े हुए थे तभी मंत्री जी बोले राजन चिंता ना करिए सब ठीक हो जायेगा । भगवान जो भी करते हैं अच्छे के लिए ही करते हैं। “
राजा की उंगली में बहुत तेज दर्द हो रहा था और मंत्री की इस तरह की बात को सुनकर राजा आग बबूला हो गया और मंत्री को जेल में डालने का आदेश दे दिया । राजा का आदेश पाकर सैनिकों ने मंत्री जी को पकड़ लिया । राजा ने मंत्री से पूछा – ” मंत्री जी ! अब आप जेल जा रहे हो क्या अब भी आप यही कहोगे ” भगवान जो भी करते है अच्छे के लिए करते हैं | “
मंत्री जी जेल जाते-जाते भी बोले – ” भगवान जो भी करते हैं अच्छे के लिए ही करते हैं।”
कुछ दिनों बाद एक दिन राजा शिकार खेलने जंगल गया तभी एक हिरण का पीछा करते- करते राजा अपने सैनिकों से बिछड़ गया और जंगल में काफी अंदर चला गया। जंगल के अंदर एक आदिवासी कबीले के लोगों ने राजा को पकड़ लिया और उसकी बलि देने के लिए कबीले के मुखिया के पास ले गए।
कबीले के मुखिया ने राजा को बलि के लिए तैयार करके लाने के लिए कहा | कबीले के लोगों ने राजा को नहला धुला कर बलि के लिए तैयार किया और बलि वाले स्थान पर ले गए। राजा बहुत घबराया हुआ था क्योंकि वह बिल्कुल अकेला ही था और उसके सैनिकों उससे बिछड़ चुके थे । अब उसकी सहायता करने वाला यहां कोई नहीं था। उसे सिर्फ और सिर्फ भगवान पर भरोसा था।
जैसे ही राजा की बलि दी जाने वाली थी तभी कबीले का मुखिया बलि को रोकते हुए कहा – ” इस व्यक्ति की वली नहीं दी जा सकती क्योंकि इसकी एक उंगली कटी हुई है और और खंडित व्यक्ति की बलि नहीं दी जाती।”
कबीले के लोगों ने राजा को छोड़ दिया । राजा को समझ आ गया कि ईश्वर जो करता है वह अच्छे के लिए ही करता है अगर उस दिन राजा की उंगली नहीं कटी होती तो आज उसकी बलि दे दी जाती। जंगल से निकलकर राजा किसी तरह अपने महल में पहुंचता है और मंत्री को बुलाकर पूछता है – ” मंत्री जी ! अब मैं भी यह मानने लगा हूं कि ” ईश्वर जो करते हैं अच्छे के लिए करते हैं” किंतु मैंने आपको इस महल से निकाल कर जेल भेज दिया तो इसमें आपके लिए क्या अच्छा हुआ।
मंत्री कहता है – ‘ हे राजन ! जिस प्रकार भगवान ने आपकी उंगली काट कर आपको बलि से बचा लिया उसी प्रकार मुझे जेल भेजकर मेरे प्राण बचा लिए।”
राजा पूछता है – ” भला वह कैसे ? ” मंत्री राजा को उत्तर देता है – ” हे राजन ! मै हमेशा आपके सांथ रहता था, अगर आप मुझे महल से नहीं निकालते और जेल ना भेजते तो मैं भी आपके साथ शिकार के लिए जाता और कबीले के लोग अवश्य ही मेरी बलि दे देते क्योंकि मेरा कोई भी अंग खंडित नहीं है। इस प्रकार भगवान जो भी करते हैं अच्छे के लिए ही करते हैं। “
••••✤••••┈••✦👣✦•┈•••••✤•••••
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

