ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 27 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 27 जून 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु आरंभ
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 06:39 PM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 11:36 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है। वहीं राशि स्वामी शनि है।
⚜️ योग – आयुष्मान योग 12:28 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
प्रथम करण : गर – 07:47 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 06:39 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:05 ए एम से 04:45 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:25 ए एम से 05:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 02:39 ए एम, जून 28 से 04:09 ए एम, जून 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, जून 28 से 12:45 ए एम, जून 28
❄️ रवि योग : 11:36 ए एम से 05:26 ए एम, जून 28
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीली ध्वजा चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/रवियोग/ पंचक जारी, भारतीय खिलाड़ी पी. टी. उषा जन्म दिवस, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम दिवस, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जन्म दिवस, राष्ट्रीय घर से काम दिवस, महाराजा रणजीत सिंह स्मृति दिवस, हेलेन केलर दिवस, संगीतकार राहुल देव बर्मन जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।।
🗺️ Vastu tips 🏚️
चन्द्र शुक्र युति की वजह से घर में महिलाओ के बीच झगड़े होते हैं। यह झगड़े घरेलू खर्च को लेकर होते हैं।
उपाय के तौर पर यहाँ चंद्रमा की शांति के लिए मंत्र जप करना चाहिए। शुक्रवार के दिन गाय को दूध चावल मिला कर खिलाना चाहिए और घर में कुछ पेड़ पौदे लगाने चाहिए। परिवार में झगड़े का कारक मंगल भी होता है। इस नाते मंगल को अच्छा रखने के लिए घर के मन्दिर में किसी बर्तन में शहद या सिंदूर रखना चाहिए।
चतुर्थ भाव में चंद्रमा के शत्रु बुध, शनि या केतु होने से वस्त्र या भोजन की वजह से झगड़े होते हैं।
उपाय के तौर पर यहाँ चंद्रमा के शत्रु ग्रह की शांति दान या मंत्र जप से करनी चाहिए जैसे कि बुध के लिए बुधवार के दिन गाय को चारा खिलाने से और बुध का मंत्र जप करने से बुध की शांति होती है। शनि के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की सेवा करने और शनि का मंत्र जप करने से शनि की शांति होती है। और केतु के लिए शनिवार के दिन दो रंग के कंबल या पत्थर के दान और केतु का मंत्र जप करने से केतु की शांति होती है। और चंद्रमा की शुभता के लिए अपने साथ चांदी का चोकोर सिक्का रखना चाहिए।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आंखों की रोशनी बढाने हेतु :-
जब-जब मौका मिले सामान्य पानी से आंख धोयें।
रात में सोने से पहले पैरों के तलवों पर सरसों तेल लगायें। नाभी में सरसों तेल या शुद्ध गौघृत लगायें।
सुबह-सुबह नींद खुलने पर पहला काम मुंह में एक ऊंगली डाल कर उस पर लार लगायें फिर यह लार आंखों में काजल के तरह लगायें।
पके पपीते का नियमित सेवन, सुबह से दोपहर तक ही तथा भोजन से पहले या उसके दो घण्टे बाद ही। हरी साग-सब्जियों का सेवन।
आंखों का व्यायाम – पुतली चारों तरफ घुमाना, दोनों तरफ।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अच्छी और गहरी नींद के लिए प्याज को गर्म राख में पकाकर इसका रस चार चम्मच पीयें। इससे नींद अच्छी आएगी।
प्याज के रस को आंखों में डालते रहने से नेत्र-ज्योति बढ़ती है और मोतियाबिंद तक दूर हो जाते हैं। यह अत्यंत अनुभूत औषधि है।
मस्सों पर प्याज का रस लगाने से मस्से नष्ट हो जाते हैं।
भोजन के साथ कच्चे प्याज का सेवन अधिक मात्रा में करने से माताओं के दूध बढ़ता है।
कान में दर्द होने पर प्याज के रस को थोड़ा गर्म करके 4–5 बूंदे कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है।
गंज के स्थान पर कुछ दिन प्याज का रस रगड़ते रहने से बाल दुबारा पैदा होने लग जाते हैं और बाल गिरने भी बंद हो जाते हैं।
हिचकी बंद न हो रही हो तो प्याज को काटकर ऊपर से नमक लगाकर खाएं।
एक कच्चा प्याज रोजाना भोजन के साथ खाने से कब्ज़ हमेशा के लिए ठीक हो जाती है।
बच्चे के पेट में कीड़े होने पर एक चम्मच प्याज का रस 2–3 घंटे बाद पिलाते रहे।
सरसों के तेल में प्याज का रस मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोगी को लाभ होता है।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌷
हिंदू वर्ष के अनुसार आषाढ़ साल का चौथा महीना होता है. यह महीना बेहद पवित्र पावन होता है. इस माह से ही वर्षा ऋतु का प्रारंभ होता है. धार्मिक दृष्टि से आषाढ़ के महीने को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि इस महीने के बाद से ही भगवान श्रीहरिविष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं. इस कारण यह महीना दान पुण्य के लिए भी काफी सर्वश्रेष्ठ माना गया है.
मान्यता है कि इस महीने में किया गया दान पुण्य फलों की प्राप्ति कराता है. साल 2024 में 23 जून से आषाढ़ माह की शुरुआत हो चुकी है. इस महीने में दान करने से जीवन में सुख और खुशहाली आती है. इसके साथ ही दान को काफी लाभकारी माना गया है. आइए जानते हैं कि किन चीजों का दान करना आपके लिए शुभ होगा.
अन्न का करना चाहिए दान आषाढ़ के महीने में अन्न का दान अवश्य करना चाहिए. यह दान काफी कल्याणकारी माना गया है. जो लोग भी अन्न का दान करते हैं, उनके घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है. इसके साथ ही अपार यश और कीर्ति की प्राप्ति भी होती है. अन्न के दान को महादान कहा गया है. इसको करने से सभी पापों का नाश हो जाता है. भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद मिलता है.
वस्त्र का करें दान इस महीने में वस्त्र का दान अवश्य ही करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति वस्त्र का दान करता है तो उसके जीवन में चल रहीं सभी परेशानियों का अंत हो जाता है.
गुड़ का करें दान इस महीने में आपको गुड़ का दान करना चाहिए. गुड़ का दान आप रविवार को करें. इससे आपको सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है.
काले तिल का दान आषाढ़ के महीने में काले तिल का दान काफी फायदेमंद होता है. काले तिल का दान करने से मन चाहे फल और अपार धन की प्राप्ति होती है. इससे कुंडली में मौजूद ग्रह दोष दूर हो जाता है.
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⚜️ षष्ठी तिथि यदि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

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