महिला से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी ससुर एवं दो देवरों को हुआ 10 वर्ष का सश्रम कारावास

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रायसेन जिले के देहगांव थाना अंतर्गत रिश्तो को तार-तार करने वाले मामले में हुई सजा।
इंसान जब हैवान बन जाता है तो वह सारी हदें पार कर देता है ऐसा ही कुछ घटित हुआ देहगांव थाना अंतर्गत नयाखेड़ा गांव में जहां ससुर ने अपनी बहू के साथ और देवरों ने भी बारी-बारी से अपनी भाभी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। न्यायालय ने निर्णय पारित करते हुए दोषी पाए जाने पर तीनों आरोपियों को दस दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं दो दो हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एजीपी धीरेन्द्रसिंह गौर द्वारा की गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पीड़िता ने 7 मई 2021 को थाना देवनगर पर उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी शादी करीब 5 साल पहले कल्लू रायसिक पिता हरबंश निवासी नयाखेड़ा के साथ हुई है तब से वह अपने ससुराल नयाखेड़ा मे ही रहती है। उसका अपने पति से एक ढाई साल लडका गोरु है। उसके पति के 6 भाई है जिनमे उसका पति के अलावा सभी कुंवारे है, घर मे सास भी नही है। शादी के बाद करीब 3 साल तक उसके ससुराल वालो ने उसे ठीक से रखा उसके बाद उसकी दादी सास खत्म हो गई। उसके बाद से ही उसके ससुर हरबंश व सबसे छोटा देवर बबलू रायसिक तथा तीसरे नम्बर का देवर सुखलाल रायसिक अलग अलग समय मे जब वह घर में अकेली होती है तब जिसको जैसा मौका मिलता है वह उसे पकड़कर उसके साथ जबरन बुरा काम करते है। रिपोर्ट से 3 दिन पहले भी तीनों ने बारी बारी से गलत काम किया तब अपने रिश्तेदार के साथ उसने रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध 376 (2) (एन) की प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की। डीएनए कराया गया जिसमें भी बलात्कार की पुष्टि हुई। बाद विवेचना अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
जिस पर अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश राजकुमार वर्मा द्वारा उक्त मामले में आरोपियों को दोष सिद्ध पाया तथा भादवि की विभिन्न धाराओं में निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण हरवंश उर्फ पप्पू पिता ब्राजसिंह आयु 62 साल, बबलू पिता हरवंश उर्फ पप्पू रायसिक उम्र 32 साल एंव आरोपी सुखलाल पिता हरवंश उर्फ पप्पू रायसिक उम्र 30 साल निवासी ग्राम बराखेडा थाना देवनगर को विभिन्न न्याय दृष्टांतों के परिपालन में 10, 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000, 2000 रू. अर्थदंड से दंडित किया जाकर आरोपियों को जेल भेजा गया।



