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प्रजातंत्र की हत्या, चंडीगढ़ मेयर चुनाव

दिव्य चिंतन : हरीश मिश्र, लेखक ( स्वतंत्र पत्रकार)
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आप पार्टी की जीत सुनिश्चित थी।
आप पार्टी के पास ज़्यादा पार्षद होने के बावजूद सत्ता पिपासुओं ने छल , प्रपंच कर लोकतंत्र के साथ कुकर्म किया है। संख्या बल के बाद भी आप पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़ में लोकतंत्र अपमानित ही नहीं हुआ बल्कि उसे न्यायलय ने षड्यंत्र कारी सिद्ध किया है।
भाजपा समर्थक पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने शैतानी विद्या से आंखों में धूल झोंकने का षड्यंत्र कर, लोकतंत्र को सूली पर टांग दिया। आज़ादी के बाद कांग्रेस ने और 2014 के बाद भाजपा ने लोकतंत्र के साथ वह सब कर लिया जो बिल्ली ,चूहे के साथ उसे मारने से पहले करती है।
बाइबिल के अनुसार शैतान एक पतित आत्मा होती है । जो मनुष्यों को पाप करने के लिए प्रेरित करती है। मसीह के शरीर में अल्प समय के लिए शैतानी आत्मा आ गई और उन्होंने पाप किया ।
आप पार्टी मेयर चुनाव हार गई और शैतानी शक्ति के कारण भाजपा मेयर चुनाव जीत गई। शैतानी आत्माएं संविधान पर यकीन करने के बजाय अपने नियम खुद बनातीं हैं और आम आदमी को परेशान करतीं हैं।
जब किसी व्यक्ति के शरीर में शैतानी आत्मा का प्रवेश होता है तो उसे सवारी आना कहते हैं । इससे पीड़ित व्यक्ति अपने शरीर को काफी हिलाता-डुलाता है।आंखे चढ़ाता है, कभी ऊपर की तरफ एक-टक देखता है।
अनिल मसीह के शरीर में शैतानी आत्मा ने प्रवेश किया। यह सी सी टी वी में साफ दिख रहा है। सुप्रीम अदालत ने मसीह के शरीर में प्रविष्ट शैतानी आत्मा को झाड़ू से पीट कर शीशी में उतार दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मसीह को दंड देकर चंडीगढ़ महापौर चुनाव के परिणाम को पलट दिया। सी जे आई ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा प्रजातंत्र की हत्या होते नहीं देख सकते।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में आम आदमी के हाथ में झाड़ू सौंप कर हारे उम्मीदवार कुलदीप कुमार के दीपक की बाती को पुनः जला शहर का नया मेयर घोषित किया।
इस फैसले में शीर्ष अदालत ने अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को सूली पर टांगने वाली दिल्ली की गारंटी को शीर्षासन करा दिया।
कोर्ट ने चुनाव संचालन में गंभीर खामियां पाईं । निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ “कदाचार” के लिए मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया। चंडीगढ़ के प्रमुख आकर्षण स्थलों में से एक अंतर्राष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय है। इस जगह पर 25 से अधिक देशों की गुड़िया और कठपुतलियों की प्रदर्शनी लगी रहती है। अब संग्रहालय में एक और कठपुतली देखने मिलेगी, जो होगी मसीह की।
लोकतंत्र भरोसे से चलता है। लेकिन चंडीगढ़ की घटना से भरोसा टूटा है, आस्था डगमगाई है ‌। सौभाग्य से न्यायालय के द्वार से उम्मीद की एक किरण निकली है। जिसने शैतान को उल्टा लटकाने का आदेश दिया है।चंडीगढ़ में लोकतंत्र का सवेरा हुआ है।

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