धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 23 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 मार्च 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – रविवार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 05:38 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 04:18 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं. इस नक्षत्र का वैदिक देवता अपस यानी जल देवता हैं.
⚜️ योग – वरीयान योग 05:58 PM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : तैतिल – 05:36 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 05:37 ए एम, मार्च 24 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:59:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:01:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:47 ए एम से 05:34 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:11 ए एम से 06:22 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:03 पी एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:19 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:33 पी एम से 06:56 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:34 पी एम से 07:45 पी एम
💧 अमृत काल : 11:19 पी एम से 12:59 ए एम, मार्च 24
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, मार्च 24 से 12:51 ए एम, मार्च 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : 04:18 ए एम, मार्च 24 से 06:20 ए एम, मार्च 24
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ शुक्रोदय (पूर्व)/भारत की आजादी के आंदोलन के महान क्रांतिकारी शहीद – ए – आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव शहादत दिवस, शहीद दिवस, राष्ट्रीय चिया दिवस, राष्ट्रीय चिप और डिप दिवस, राष्ट्रीय जैकब दिवस, राष्ट्रीय मेल्बा टोस्ट दिवस, राजनीतिज्ञ कंगना रनौत जन्म दिवस, अहमदिया इस्लामिक कृषि आंदोलन स्थापना दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी सुहासिनी गांगुली शहीद दिवस, स्वतंत्रता सेनानी बसंती देवी जयन्ती, सुहासिनी गांगुली पुण्य तिथि, स्मृति इरानी जन्म दिवस, गुरदयाल सिंह ढिल्लों जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी डॉ राममनोहर लोहिया जन्म दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
ईशान कोण से जुड़ी गलती उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। यही दिशा देवी-देवताओं का स्थान भी कही जाती है। इसलिए इस दिशा में कभी भी गंदगी नहीं रखनी चाहिए। यहां कूड़ा दान रखना, भारी चीजें रखना वास्तु दोष पैदा करता है। इसके साथ ही इस दिशा में बना टॉयलेट और स्टोर रूम भी आपके लिए समस्या का कारण बन सकता है। अगर ये गलतियां आप ईशान कोण में करते हैं तो धन से जुड़ी परेशानियां आपके जीवन में हमेशा आती रहती हैं। वहीं इस दिशा को अगर आप साफ-सुथरा रखते हैं, इस दिशा में पूजा का स्थान बनाते हैं तो जीवन में धन-धान्य की प्राप्ति आपको होती है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लिवर के लिए फायदेमंद यह जिगर (लिवर) को डिटॉक्स करता है और फैटी लिवर व लिवर सिरोसिस जैसे रोगों में सहायक हो सकता है। लिवर एंजाइम को संतुलित करने में मदद करता है।
पाचन में सुधार पपीते के पत्ते में मौजूद एंजाइम (पपेन और चायमो-पपेन) पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है यह इंसुलिन के स्तर को संतुलित करता है और मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद इसमें मौजूद विटामिन A और C त्वचा को निखारते हैं और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं। यह स्किन को डिटॉक्स करता है और मुंहासों में राहत देता है।
🍻 आरोग्य संजीवनी
🍶
बदहजमी में या पेट दुखने पर या जरूरत से ज्यादा भोजन खा लेने से हुए भारीपन में एक छोटा चम्मच अजवायन को गुनगुने पानी से लेने से थोड़ी देर में ही आराम मिल जाता है। इसे बहुत बार आजमाया है।
छोटे शिशु अगर टाँगें अंदर की तरफ या पेट की तरफ उठा कर रोने लगते हैं तो उनका पेट दुःख रहा होता है इस समय अगर उनकी नाभि पर गाय के घी में मिला कर पीसी हुई अजवायन का हल्का लेप कर दें तो थोड़ी ही देर में शिशु को आराम मिल जाता है और वह सो जाता है। मेरी सासु मां को मैंने अपने छोटे बच्चों पर आजमाते हुए बहुत बार देखा था।
अच्छी मात्रा में अजवायन डाल कर बना निम्बू का आचार खाने से बदहजमी से होने वाले पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है। हम भारी भोजन के साथ निम्बू का अचार भी परोसते है ताकि बदहजमी न हो।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
छप्पन (56) भोग श्रीकृष्ण को लगाए जाते हैं। हमारे कुछ विचारकर कहते हैं ऐसा कुछ भी नहीं है, वो वही लोग होते हैं, जिनको यह भी पता नहीं होता है कि 56 भोग किस देवता/भगवान को लगते हैं, वो पहले यह जान ले 56 भोग श्रीकृष्ण को लगाए जाते हैं। पर इसके पीछे गहरे सिद्धांत और लोकमान्यता हैं, जो इस प्रकार हैं पहर – भारत में पूरे दिन को 24 घंटे के अलावा 8 पहर में बांटा हुआ था। एक पहर 3 घंटे का होता है, जो समय की एक इकाई हैं।
गोकुल का पर्वत (गोवर्धन) – सप्ताह में सात दिन होते हैं यह सबको पता है। एक बार गोकुल में सात दिन तक घनघोर वर्षा हुई और इस वर्षा से गोकुल वासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने 7 दिन तक गोकुल में गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊंगली पर उठाए रखा। इन सात दिनों में श्रीकृष्ण ने कुछ भी नहीं खाया था।
भोग – सात दिन बाद जब बरसात रुकी तो सभी गोकुल वासियों ने सोचा हर पहर में खाना खाने वाले श्रीकृष्ण ने इन 7 दिन में कुछ भी नहीं खाया। तब आठवें दिन सबने 7 दिन के एक-एक पहर के हिसाब से श्रीकृष्ण को भोग लगाया।[
अब आप गोकुल वासियों के भोग की गणना करोगे तो आपको जो मिलेगा, वो होगा। पहर x दिन = भोग। यानी (8 पहर x 7 दिन = 56 भोग)।
उसी दिन से 56 भोग की परंपरा की शुरुआत हुई, जो आज भी विद्यमान है, यह परंपरा इसलिए विद्यमान हैं क्योंकि अब भी एक दिन 8 पहर (24 घंटे) का ही होता है, जब दिन की समय अवधि बढ़ या घट जाएगी, तब पुनः सोचना होगा। फ़िलहाल नहीं सोचा जा सकता हैं क्योंकि दिन की अवधि का अभी तक घटने या बढ़ने का कोई अनुमान नहीं है।
विशेष – श्रीकृष्ण को अलग-अलग व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान को लगने वाले ये भोग बहुत ही खास होते हैं। इसमें दूध, दही घी (मिठाई) और फल सम्मिलित होते हैं।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।।

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